Jabalpur High Court : उम्र 38 पार? कोई टेंशन नहीं ! मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरक्षक भर्ती में दी राहत
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे आरक्षक (चालक) पद के लिए जरूरी शैक्षणिक और शारीरिक योग्यता पूरी करते हैं। इसके बावजूद निर्धारित अधिकतम उम्र सीमा से अधिक होने के कारण उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने में परेशानी हो रही है।
जबलपुर। मध्य प्रदेश में आरक्षक (चालक) भर्ती की अधिकतम आयु सीमा को लेकर विवाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने दो उम्मीदवारों को फिलहाल भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी है। 27 अक्टूबर 2026 को जस्टिस विवेक कुमार सिंह की बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कर्मचारी चयन मंडल (ESB) सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि, दोनों उम्मीदवारों का परीक्षा परिणाम हाईकोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रहेगा। उम्र सीमा में छूट देने को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
दो पुलिसकर्मियों ने दायर की याचिका
यह याचिका रोमेश सिंह बघेल और गोकुल शर्मा ने दायर की है। उनकी ओर से अधिवक्ता मोहित वर्मा ने कोर्ट में पक्ष रखा। याचिका के अनुसार, रोमेश सिंह बघेल की उम्र करीब 39 साल आठ महीने और गोकुल शर्मा की उम्र लगभग 40 साल है। दोनों पहले से पुलिस विभाग में कार्यरत हैं।
उनका कहना है कि वे आरक्षक (चालक) पद के लिए जरूरी शैक्षणिक और शारीरिक योग्यता पूरी करते हैं। इसके बावजूद निर्धारित अधिकतम उम्र सीमा से अधिक होने के कारण उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने में परेशानी हो रही है।
दस साल बाद भर्ती निकलने का दिया तर्क
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि आरक्षक (चालक) के पदों पर करीब दस साल बाद भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया है। लंबे समय तक भर्ती नहीं निकलने के कारण उन्हें पहले आवेदन करने का अवसर नहीं मिला। अब उनकी उम्र निर्धारित सीमा से अधिक हो गई है। उनका तर्क है कि भर्ती में लंबे अंतराल का नुकसान उम्मीदवारों को नहीं उठाना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने आयु सीमा में राहत देने और भर्ती विज्ञापन की संबंधित शर्तों में बदलाव की मांग की है।
कोरोना काल के बाद मिली छूट का हवाला
दोनों उम्मीदवारों ने सामान्य प्रशासन विभाग के 18 सितंबर 2022 के पत्र का हवाला देते हुए अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट देने की मांग की है। उनका कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान सरकारी भर्तियां प्रभावित हुई थीं। इसके बाद सरकार ने सरकारी नौकरियों में अधिकतम उम्र सीमा के संबंध में तीन साल की छूट का प्रावधान किया था। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, मौजूदा आरक्षक (चालक) भर्ती में उन्हें इस छूट का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कोर्ट से संबंधित निर्देशों के आधार पर राहत देने की मांग की है।
ESB और संबंधित विभागों से मांगा जवाब
याचिका में मध्य प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव, पुलिस मुख्यालय के सहायक पुलिस महानिरीक्षक और कर्मचारी चयन मंडल को पक्षकार बनाया गया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा और दोनों उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी।
हालांकि, यह अंतरिम राहत है। उनका परिणाम और आगे की भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार अंतिम आदेश पर निर्भर करेगा। फिलहाल राहत केवल याचिकाकर्ताओं को मिली है। अन्य उम्मीदवारों को इस आदेश से स्वतः लाभ नहीं मिलेगा।

