यूक्रेन का रूस पर सबसे बड़ा ड्रोन अटैक, मॉस्को समेत कई तेल ठिकानों पर धमाके

1000 से ज्यादा ड्रोन अटैक से यूक्रेन का जवाबी वार, क्रूज मिसाइलें भी दागीं, रूस का ऑयल डिपो तबाह

यूक्रेन का रूस पर सबसे बड़ा ड्रोन अटैक, मॉस्को समेत कई तेल ठिकानों पर धमाके

यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध में एक बार फिर बड़ा तनाव देखने को मिला है। 18 जून गुरुवार को यूक्रेन ने रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया, जिसमें मॉस्को समेत कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में करीब 1000 से अधिक ड्रोन और कुछ क्रूज मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से अधिकांश को मार गिराने का दावा किया गया है।

मॉस्को के तेल ठिकाने पर अटैक...

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले का मुख्य लक्ष्य रूस की ऊर्जा अवसंरचना रही। दक्षिणी रूस के रोस्तोव क्षेत्र में एक ऑयल डिपो में भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें आग लग गई और एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा मॉस्को के पास स्थित कपोतन्या ऑयल रिफाइनरी पर भी हमला हुआ, जिससे वहां बड़े पैमाने पर आग और धुएं के गुबार उठते देखे गए। कई टैंकों को गंभीर नुकसान पहुंचने की खबर है।

हमले के बाद मॉस्को क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से कई हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। कई ड्रोन का मलबा रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में गिरा, जिससे कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा और कई जगह आग लगने की घटनाएं सामने आईं। स्थानीय प्रशासन ने कई ऊंची इमारतों को खाली करा लिया।

जेलेंस्की का बयान, रूस की प्रतिक्रिया... 

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को रूस की हालिया कार्रवाइयों का जवाब बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर रूस हमला करेगा तो जवाब भी दिया जाएगा। जेलेंस्की ने यह भी दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने केवल सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को ही निशाना बनाया है, जो रूस के युद्ध अभियान को समर्थन देते हैं।

रूस ने इस हमले पर कहा है कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश ड्रोन को नष्ट कर दिया, हालांकि कुछ ने लक्ष्यों को भेदा। राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन उस समय एक अंतरराष्ट्रीय बैठक में मौजूद थे और इस हमले पर उनकी तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।