सिंगरौली में जर्जर पानी की टंकी का हिस्सा गिरा, बड़ा हादसा टला
सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र के बिलौजी इलाके में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वर्षों से जर्जर हालत में खड़ी पुरानी पानी की टंकी का एक हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई।
सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिला मुख्यालय के नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत बिलौजी इलाके में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ मुख्य सड़क के किनारे स्थित एक बेहद पुरानी और जर्जर हो चुकी पानी की टंकी का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। गनीमत यह रही कि जिस समय यह मलबा गिरा, उस वक्त वहां से कोई गुजर नहीं रहा था, अन्यथा कई लोग इसकी चपेट में आ सकते थे।
34 सालों से बंद पड़ी है टंकी, लगातार गिर रहे हैं हिस्से
स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पानी की टंकी साल 1992 से ही पूरी तरह बंद और अनुपयोगी पड़ी है। पिछले तीन दशकों से अधिक समय से रखरखाव न होने के कारण यह कंक्रीट का ढांचा अंदर से खोखला और जर्जर हो चुका है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी इस टंकी के छोटे-छोटे हिस्से टूटकर नीचे गिर चुके हैं। चूंकि यह टंकी पूरी तरह से रिहायशी इलाके और व्यस्त सड़क के किनारे स्थित है, इसलिए स्थानीय लोग हमेशा किसी अनहोनी की आशंका के साए में जीने को मजबूर हैं।
निगम की लापरवाही: शिकायतों के बाद भी नहीं जागा अमला
हादसे के बाद आक्रोशित क्षेत्रीय निवासियों ने नगर निगम और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की है। लोगों का सीधा आरोप है कि इस जानलेवा ढांचे को हटाने के लिए कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी हमेशा गहरी नींद में सोए रहे।
निवासियों का कहना है:
"प्रशासन से हमें सिर्फ खोखले आश्वासन मिले हैं। आज तो किस्मत अच्छी थी कि कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन क्या प्रशासन किसी की जान जाने के बाद ही जागेगा?"
त्वरित कार्रवाई की मांग
शनिवार सुबह हुए इस हादसे के बाद अब पूरे बिलौजी इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर से पुरजोर मांग की है कि किसी बड़ी जनहानि या वीभत्स दुर्घटना का इंतजार किए बिना, इस पूरी जर्जर टंकी को तत्काल प्रभाव से पोकलेन और जेसीबी मशीनों के जरिए ध्वस्त (Dismantle) किया जाए।

