सरसों भावांतर भुगतान योजना को केंद्र की मंजूरी, तुअर की 100% सरकारी खरीदी का रास्ता साफ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से नई दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद मध्यप्रदेश के किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरसों की खरीदी के लिए भावांतर भुगतान योजना को मंजूरी मिली है, जबकि तुअर की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है.

सरसों भावांतर भुगतान योजना को केंद्र की मंजूरी, तुअर की 100% सरकारी खरीदी का रास्ता साफ

भोपाल, 12 मार्च 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतत प्रयासों से मध्यप्रदेश के किसानों को केंद्र सरकार से कई महत्वपूर्ण राहतें मिली हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर किसानों और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की.

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस उच्च स्तरीय बैठक में ग्रामीण सड़कों सहित कई विषयों पर मध्यप्रदेश को राहत देने वाले महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

सरसों किसानों को मिलेगा भावांतर भुगतान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर सरसों की खरीदी से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भावांतर भुगतान योजना के तहत मध्यप्रदेश के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए संबंधित विभागों को भुगतान प्रक्रिया तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इससे राज्य के सरसों उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

तुअर की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी

बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तुअर (अरहर) की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी का स्वीकृति-पत्र भी सौंपा। इससे प्रदेश के तुअर उत्पादक किसानों की उपज का पूरा सरकारी उपार्जन सुनिश्चित होगा और उन्हें बाजार में भाव गिरने का जोखिम नहीं उठाना पड़ेगा।

दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने की रणनीति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को दलहन और तिलहन उत्पादन का अग्रणी केंद्र बनाने पर जोर दिया। इस दिशा में केंद्र और राज्य की संयुक्त टीम द्वारा मूंग, उड़द, चना, तिल, सरसों और पाम ऑयल जैसी फसलों के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।

फसल बीमा में किसानों के हितों की सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के हितों की बेहतर सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि सोयाबीन जैसी फसलों के नुकसान के आंकलन में केवल सैटेलाइट डेटा पर निर्भर न रहकर क्रॉप कटिंग और रिमोट सेंसिंग तकनीकों का उपयोग किया जाए, ताकि किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा मिल सके।

कृषि और ग्रामीण योजनाओं की समीक्षा

बैठक में सरसों और सोयाबीन के भावांतर भुगतान, दलहन मिशन के तहत मूंग-उड़द के अतिरिक्त लक्ष्य, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम, मनरेगा भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े मुद्दों की समीक्षा भी की गई। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मध्यप्रदेश से जुड़े लंबित मामलों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए।

किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा 2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाते हुए किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी किसान कल्याण वर्ष के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश उनका अपना घर है और किसानों के हित में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।