रीवा: NEET एग्जाम के बाद स्कूल में लगी भीषण आग, CCTV-DVR समेत पूरा सर्विलांस सिस्टम जलकर खाक
NEET की परीक्षा खत्म होने के बाद रीवा के मार्तंड क्रमांक-2 विद्यालय के प्राचार्य कक्ष में आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को नहीं दी गई थी, जिसकी जांच में पुलिस जुटी है
रीवा में स्थित एक परीक्षा केंद्र में नीट/री-नीट परीक्षा के तुरंत बाद संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने की घटना सामने आई है। यह घटना मार्तण्ड क्रमांक-2 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रविवार की शाम लगभग 6 बजे हुई, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिला कर रख दिया है। आग प्राचार्य कक्ष में लगी, जहां परीक्षा से जुड़े सीसीटीवी और सर्विलांस सिस्टम का डेटा स्टोर किया गया था।

परीक्षा के तुरंत बाद लगी आग
जानकारी के अनुसार, परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के कुछ ही समय बाद प्राचार्य कक्ष से धुआं उठता देखा गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि कमरे में रखा सीसीटीवी डीवीआर, एसी, फर्नीचर और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

यह वही सिस्टम था जिसमें परीक्षा के दौरान सभी कक्षों की निगरानी की रिकॉर्डिंग की जा रही थी। केंद्र में लगभग 360 परीक्षार्थियों के लिए व्यवस्था की गई थी, जिनमें से 308 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे।
सर्विलांस सिस्टम जलने से उठे सवाल
आगजनी की इस घटना का सबसे गंभीर पहलू यह माना जा रहा है कि प्राचार्य कक्ष में मौजूद सर्विलांस सिस्टम और डीवीआर पूरी तरह नष्ट हो गया। इस सिस्टम में परीक्षा के दौरान हर कक्ष की गतिविधियों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी गई थी।

इसके नष्ट होने के बाद अब परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड और डेटा की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं, खासकर परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर।
फायर ब्रिगेड को सूचना नहीं देने का आरोप
सूत्रों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड को तत्काल सूचना नहीं दी गई। आरोप है कि स्कूल स्टाफ ने स्वयं ही आग बुझाने का प्रयास किया और काफी देर बाद स्थिति नियंत्रण में लाई गई।

इस दौरान आग ने काफी नुकसान पहुंचा दिया। इसके अलावा, पुलिस को भी इस घटना की जानकारी लगभग तीन घंटे बाद दी गई, जिससे प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन और प्राचार्य का पक्ष
विद्यालय के प्राचार्य सुदामा लाल गुप्ता का कहना है कि वह परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए वरिष्ठ कार्यालय गए थे, तभी उन्हें फोन पर सूचना मिली कि प्राचार्य कक्ष में आग लग गई है।

उनके अनुसार, यह घटना संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया और बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।
पुलिस जांच और साजिश की आशंका
मामले की जांच कर रहे थाना प्रभारी हितेन नाथ शर्मा ने बताया कि पुलिस को रात लगभग 9 बजे लिखित शिकायत प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि आगजनी में न केवल सामान नष्ट हुआ है, बल्कि परीक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा भी प्रभावित हुआ है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी यह जांच का विषय है कि यह केवल एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई साजिश भी हो सकती है। सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है।
पहले से विवादों में रहा प्रशासनिक परिसर
स्थानीय लोगों के अनुसार, विद्यालय प्रशासन पहले भी विवादों में रहा है। प्राचार्य से जुड़े कुछ पुराने मामलों का भी जिक्र किया जा रहा है, हालांकि इनका इस घटना से सीधा संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल, रीवा की इस आग की घटना ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और प्रबंधन पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर प्रशासन इसे शॉर्ट सर्किट का मामला बता रहा है, वहीं दूसरी ओर सर्विलांस सिस्टम के नष्ट होने और सूचना में देरी के कारण संदेह भी गहराता जा रहा है। पुलिस की जांच के बाद ही इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
Varsha Shrivastava 
