मऊगंज के पूर्व प्रभारी जनपद CEO रामकुशल मिश्रा बर्खास्त : 2012 में न्यायालय कर चुका था दोष सिद्ध, 14 वर्ष बाद गिरी गाज

Ramkushal Mishra Dismissed : रीवा न्यायालय ने सुनाई थी 3 साल की सजा, पंचायत राज संचालनालय ने नियम 10(9) के तहत सेवा से किया पृथक

मऊगंज के पूर्व प्रभारी जनपद CEO रामकुशल मिश्रा बर्खास्त : 2012 में न्यायालय कर चुका था दोष सिद्ध, 14 वर्ष बाद गिरी गाज

राजेंद्र पयासी @ मऊगंज

मऊगंज जिले की पंचायत व्यवस्था से जुड़ी बड़ी प्रशासनिक कार्यवाही सामने आई है। पंचायत राज संचालनालय भोपाल ने जनपद पंचायत मऊगंज के पूर्व प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी और वर्तमान में हनुमना में पदस्थ पंचायत समन्वय अधिकारी रामकुशल मिश्रा को शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है। संचालनालय ने 5 नवंबर 2026 को इसका विधिवत आदेश जारी किया है।

जारी आदेश के अनुसार, रामकुशल मिश्रा के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण क्रमांक 271/07 में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, रीवा द्वारा 20 अप्रैल 2012 को निर्णय पारित किया गया था। न्यायालय ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 395 के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। साथ ही धारा 323 के तहत एक हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया था।

संचालनालय ने न्यायालय के निर्णय और दोषसिद्धि के अभिलेख का परीक्षण करने के उपरांत मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 10(9) के प्रावधानों के तहत सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई की है। आदेश की प्रति जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है।

उल्लेखनीय है कि रामकुशल मिश्रा का नाम पूर्व में मऊगंज में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्राम खैरा में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 14 लाख रुपये के भुगतान को लेकर भी चर्चा में आया था। उस समय वे प्रभारी जनपद सीईओ के रूप में प्रशासनिक रूप से उत्तरदायी थे। शिकायत सामने आने पर उन्हें मऊगंज से हटाकर कलेक्टर कार्यालय में संलग्न किया गया था और बाद में हनुमना में पदस्थ किया गया था।

वर्ष 2012 में दोषसिद्धि के बाद भी 14 वर्षों तक सेवा में बने रहने के कारण विभागीय निगरानी प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस आदेश के बाद पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है।