मनरेगा को लगा दीमक! नाली, सड़क और शौचालय निर्माण कागजों में तैयार, जमीन से गायब, जांच टीम भी हैरान

मऊगंज की कंधवार ग्राम पंचायत में मनरेगा और अन्य विकास कार्यों में लाखों रुपये की अनियमितताओं का मामला सामने आया है. जांच टीम को अधिकांश निर्माण कार्य मौके पर नहीं मिले, अधिकारियों ने नोटिस जारी कर जांच तेज कर दी है.

मनरेगा को लगा दीमक! नाली, सड़क और शौचालय निर्माण कागजों में तैयार, जमीन से गायब, जांच टीम भी हैरान

राजेंद्र पयासी-मऊगंज: भ्रष्टाचार की हद देखनी है तो मऊगंज जनपद क्षेत्र के कंधवार ग्राम पंचायत आइए. यहां शासन की हर योजना को कागजों में दफना दिया गया. जमीन पर विकास का एक तिनका नहीं, लेकिन सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने उपयंत्री से मिलकर लाखों का 'खेल' कर दिया. ग्रामीणों के शिकायती पत्र के बाद जब जांच टीम मौके पर पहुंची तो अधिकतर निर्माण कार्य गायब मिले. निर्माण कार्यों की जांच करने पहुंची टीम भी देखकर सन्न रह गई, जहां नाडेप होना था वहां झाड़, जहां नाली बताई वहां कच्चा रास्ता, जहां पशु शेड के पैसे निकले वहां खाली खेत.

निर्माण राशि डकार गए जिम्मेदार

आरोप है कि संतोष कुमार झा की जमीन पर खेत निर्माण की मजदूरी का 86 हजार भुगतान पूरा किया गया है लेकिन मौके पर एक कुदाल तक नहीं चली,अरुण पांडेय, छोटकी साकेत, पुष्प एवं सुनीता द्विवेदी की जमीन पर शेड बने बिना ही लाखों का भुगतान हो गया. सड़क पहले से मौजूद, फिर भी मतदान केंद्र कधवार की ग्रेवल रोड मरम्मत के नाम पर राशि आहरित कर ली गई. कमोबेश इसी तरह जग्गी कोल से पार्वती कोल के घर तक पक्की नाली के नाम पर राशि निकाली गई. निर्माण कार्य के जिम्मेदारों ने अमृत वाटिका, शौचालय नवीनीकरण,सोख्ता गड्ढा के नाम पर पैसे निकाले लेकिन गांव में युक्त निर्माण कार्य ढूंढे नहीं मिल रहे.

जांच फाइल दबेगी या होगी FIR?

मऊगंज जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत कधवार के लोढ़ बढ़इयां निवासी रामनरेश चतुर्वेदी ने कलेक्टर मऊगंज और जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सबूतों के साथ शिकायत दी है. शिकायत की परख हेतु जांच टीम का गठन किया गया है. प्रशासन ने जांच टीम तो भेज दी, पर बड़ा सवाल यही है, क्या दबंगों पर कार्यवाही होगी या जांच रिपोर्ट भी अलमारी की शोभा बढ़ाएगी? क्योंकि टीम गठन के बाद करीब एक पखवाड़े का समय गुजर गया और आज तक जांच प्रतिवेदन अधिकारियों के समक्ष नहीं पहुंच पाया. ग्रामीणों का आरोप है कि बिना उपयंत्री की मिलीभगत ये लूट मुमकिन नहीं. अब सबकी निगाहें कलेक्टर एवं जनपद सीईओ की कार्यवाही पर टिकी हैं.

क्या बोले अधिकारी

जनपद पंचायत मऊगंज के पीसीओ एवं जांच अधिकारी आर.के. मिश्रा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान अधिकांश निर्माण कार्य मौके पर नहीं पाए गए हैं. इस संबंध में तत्कालीन पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किया गया है तथा निर्माण कार्यों के मूल्यांकन के लिए उपयंत्री को निर्देशित किया गया है. मूल्यांकन प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

वहीं जनपद पंचायत के अधिकारियों ने बताया कि शिकायत की जांच के लिए वरिष्ठ इंजीनियर सहित तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है. जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी.