UCC ड्राफ्ट 5 जुलाई तक तैयार करने का लक्ष्य, मोहन यादव कैबिनेट में लिए गए अहम फैसले
मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में किसानों, शिक्षा और जल संरक्षण योजनाओं को मिली मंजूरी। ₹5365 करोड़ की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति दी गई।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे मातरम् गान के साथ शुरू हुई। इस बैठक में राज्य के विकास, सामाजिक योजनाओं, शिक्षा, कृषि और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी MSME मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने दी।

समान नागरिक संहिता (UCC) पर चर्चा...
बैठक में सबसे प्रमुख विषय समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेशभर से लगभग 9 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से करीब 90 प्रतिशत सुझावों में UCC के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया है। सरकार ने बताया कि यह सुझाव राज्य के सभी जिलों और विभिन्न वर्गों से एक व्यापक अभियान के तहत एकत्र किए गए हैं। इस दौरान लगभग 3 करोड़ SMS विभिन्न नागरिकों को भेजे गए थे, जिनके माध्यम से जनता की राय ली गई।

प्राप्त सुझावों का संकलन 22 जून तक पूरा किया जा रहा है। इसके बाद 30 जून तक उपयोगी सुझावों को शामिल कर 5 जुलाई तक UCC का प्रारूप तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि संभव हुआ तो इस विधेयक को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।
किसानों के लिए ऋण व्यवस्था में बदलाव...
किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने ऋण व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब तक किसान रबी और खरीफ ऋण की अलग-अलग देय तिथियों के कारण दबाव महसूस करते थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत ऋण लेने की तारीख के आधार पर एक वर्ष बाद भुगतान करना होगा।

इस बदलाव से किसानों पर एक साथ भुगतान का दबाव कम होगा। प्रदेश में लगभग 81 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभ मिला है। राज्य में किसानों को लगभग 25,000 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जाता है। नई व्यवस्था से सरकार पर लगभग 880 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक ब्याज भार आएगा, जिसे राज्य और केंद्र सरकार वहन करेंगी।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार और स्कूल उन्नयन...
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के 315 स्कूलों को हाई स्कूल और 214 संस्थानों को हायर सेकेंडरी स्तर तक उन्नत करने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए लगभग 35 करोड़ रुपये का व्यय स्वीकृत किया गया है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को मजबूत करना है।

₹5365 करोड़ की योजनाओं की निरंतरता को मंजूरी...
कैबिनेट में ₹5365 करोड़ की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति दी गई। बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को भी निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी गई। इनमें मुख्यमंत्री कन्यादान योजना प्रमुख है, जिसे अगले 5 सालों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस योजना पर लगभग 1740 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। इसके अलावा खाद्यान्न आपूर्ति के परिवहन व्यय के लिए 3580 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी गई है।

जल गंगा अभियान और जल संरक्षण पर जोर..
कैबिनेट में जल संरक्षण को लेकर चल रहे “जल गंगा अभियान” की प्रगति की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 25 से 30 जून तक प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष आयोजन कर जल संरचनाओं के विकास पर काम किया जाए। प्रदेश में बंद पड़े हैंडपंप, बावड़ियों, कुओं और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य 30 जून से पहले इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना है।

आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान में मध्य प्रदेश को देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। ढिंडोरी, खंडवा और शहडोल जैसे जिले देश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल हुए हैं। वहीं खंडवा और इंदौर के नगरीय निकाय भी शहरी क्षेत्रों में शीर्ष 10 में स्थान बना चुके हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मध्य प्रदेश दौरा...
कैबिनेट बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पांच दिवसीय मध्य प्रदेश प्रवास का भी उल्लेख किया गया। इस दौरान उन्होंने राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों में विशेष रुचि दिखाई। राष्ट्रपति ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चल रहे चीता संरक्षण और संवर्धन कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों की सराहना की, जहां चीतों की संख्या में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है।

सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की घोषणा...
कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर 15 दिनों तक विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 15 जुलाई से 29 जुलाई तक विशेष पखवाड़ा मनाया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं में संस्कार, शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
Varsha Shrivastava 
