फिर से हिन्दू बन जाओ...! रहमान के बयान पर जमकर भड़के अनूप जलोटा

एआर रहमान के एक बयान पर विवाद जारी है। अब भजन गायक अनुप जलोटा ने भी इस पर अपना रिएक्शन देते हुए बयान दिया है, जिस पर बहस तेज हो गई है।

फिर से हिन्दू बन जाओ...! रहमान के बयान पर जमकर भड़के अनूप जलोटा

ऑस्कर जीत चुके फेमस म्यूजिक कम्पोजर ए.आर. रहमान के एक बयान के बाद म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मची हुई है। उनके बयान को लेकर काफी लोगों ने नाराजगी जताई, हालांकि बाद में रहमान ने इस पर सफाई भी दी। फिर भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मामले में भजन गायक अनुप जलोटा का बयान भी सामने आया है, जिसने चर्चा को और बढ़ा दिया है।

अनुप जलोटा का बयान

अनुप जलोटा ने IANS से बातचीत में ए.आर. रहमान पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर रहमान को ऐसा लगता है कि उनके धर्म की वजह से उन्हें काम नहीं मिल रहा है, तो उन्हें इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए। जलोटा ने कहा कि रहमान पहले हिंदू थे और बाद में उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया। इसके बावजूद उन्होंने संगीत की दुनिया में खूब नाम कमाया और लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई।

अनुप जलोटा का कहना था कि अगर रहमान को अब ये भरोसा हो गया है कि मुसलमान होने की वजह से उन्हें फिल्में या म्यूजिक प्रोजेक्ट नहीं मिल रहे हैं, तो उन्हें अपने पुराने धर्म में लौटने पर सोचना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि रहमान ऐसा करके देख सकते हैं कि क्या इससे उन्हें फिर से काम मिलने लगता है या नहीं।

कहां से शुरू हुआ विवाद? 

दरअसल, ये पूरा मामला उस वक्त शुरू हुआ जब ए.आर. रहमान ने हाल ही में बीबीसी एशियन नेटवर्क को एक इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में उनसे पूछा गया था कि क्या उन्होंने कभी बॉलीवुड में एक तमिल संगीतकार होने के नाते भेदभाव महसूस किया है। इस पर रहमान ने कहा कि उन्हें कभी खुलकर ऐसा महसूस नहीं हुआ, लेकिन पिछले आठ सालों में हालात बदले हैं।

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उन्होंने ये भी कहा था कि अब सत्ता उन लोगों के हाथ में है जो रचनात्मक नहीं हैं और इसमें सांप्रदायिक सोच भी हो सकती है, हालांकि यह बात उनके सामने साफ तौर पर कभी नहीं आई। इसी बयान के बाद उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

बाद में दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद ए.आर. रहमान ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी और लोगों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को तकलीफ हुई है तो उन्हें इसका अफसोस है। रहमान ने यह भी कहा कि संगीत उनके लिए हमेशा लोगों को जोड़ने, संस्कृति का सम्मान करने और देश का जश्न मनाने का जरिया रहा है।