MP के अस्थाई कर्मचारियों की पांच बड़ी मांगों को लेकर सत्याग्रह शुरू
मध्यप्रदेश मंच ने अस्थाई कर्मचारियों ने नियमितीकरण, सातवां वेतनमान, पेंशन सहित पांच सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण को लेकर सरकार के खिलाफ सत्याग्रह शुरू किया है।
भोपाल: मध्यप्रदेश के अस्थाई कर्मचारियों के भविष्य को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच ने अस्थाई कर्मचारियों की प्रमुख पांच सूत्रीय मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है।आज म.प्र. कर्मचारी मंच ने मंत्रालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि शासन द्वारा पदों को संख्येत्तर घोषित किए जाने के बाद स्थाई, दैनिक वेतन भोगी एवं अंशकालीन कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
इन प्रमुख मांगो को लेकर अस्थाई कर्मचारियों का धरना
कर्मचारीयों ने बताया कि लंबे समय से कर्मचारी नियमितीकरण, सातवें वेतनमान, वेतन वृद्धि और पेंशन सुविधा की मांग कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।इससे अस्थाई कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारी मंच ने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के आदेशानुसार सातवें वेतनमान का लाभ या नियमितीकरण किया जाए. 22 दिसंबर 2025 को अस्थाई पदों को संख्येत्तर घोषित करने वाले आदेश को निरस्त करना चाहिए. दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करना, अंशकालीन कर्मचारियों को श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन अथवा कलेक्टर दर से भुगतान तथा अस्थाई कर्मचारियों को पेंशन सुविधा प्रदान करना शामिल है।

मांगें नहीं मानी तो सत्याग्रह जारी रखने की चेतावनी
कर्मचारी मंच का कहना है कि ये सभी मांगें न्यायोचित हैं और कर्मचारियों के भविष्य से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं। मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने सत्याग्रह भी शुरू कर दिया है। संगठन ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि अस्थाई कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आदेश जारी किए जाएं, ताकि हजारों कर्मचारियों को राहत मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पाण्डेय ने कहा कि अगर सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी तो यह सत्याग्रह निरंतर चलता रहेगा।
sanjay patidar 
