3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा हुई शुरू पहला जत्था कश्मीर पहुंचा इसमें 4800 से ज्यादा यात्री
3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा हुई शुरू पहला जत्था कश्मीर पहुंचा इसमें 4800 से ज्यादा यात्री, हर 2km पर ऑक्सीजन बूथ बालटाल रूट पर 12 जगह वाटरप्रूफ डोम
3 जुलाई से अगले 57 दिन ग्रेटर हिमालय की ऊंची वादियों में बाबा बर्फानी के जयकारे गूंजेंगे। अमरनाथ यात्रा शुरू हो चुकी है। 28 अगस्त तक 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु 3,888 मीटर पर स्थित पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बने शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। 2 जुलाई को जम्मू-कश्मीर LG मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को जम्मू के भगवती बेस कैंप से बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना किया। जत्थे में 4,822 तीर्थयात्री शामिल थे, जो 259 वाहनों के सुरक्षा घेरे में रवाना हुए।

कश्मीर में मौसम का मिजाज ठीक नहीं है, इसलिए यात्रियों को दर्शन के बाद तुरंत नीचे लौटना होगा। हर 2km पर ऑक्सीजन बूथ भी लगाए गए हैं। दोमेल रूट पर 4 जगह स्क्रीन पर मौसम का अपडेट मिलेगा। अमरनाथ यात्रा अनंतनाग में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम रास्ते या गांदरबल जिले में छोटे 14 किलोमीटर लंबे बालटाल रास्ते से की जा सकती है।


जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में अमरनाथ यात्रियों के लिए बालटाल बेस कैंप बनाया गया है।
दोनों रूट पर 100-100 बेड के अस्पताल
दोनों यात्रा मार्गों पर एक हजार डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं। दोनों जगह 100-100 बेड के अत्याधुनिक अस्थायी अस्पताल बनाए गए हैं। बालटाल रूट से यात्रा करते वक्त तबीयत बिगड़ती है तो सबसे पहले डोमेल गेट के पास ही ‘मेडिकल एड सेंटर’ है। फिर रेलपथरी पर इमरजेंसी मेडिकल सहायता केंद्र है। बरारी पर मेडिकल कैंप और ऑक्सीजन मिल जाएगी। फिर संगम टॉप पर आपातकालीन चिकित्सा केंद्र है।

तीर्थयात्रियों के पहुंचने पर एक पुलिस जवान ने सामान उठाने में मदद की।

बालटाल बेस कैंप पर पहले जत्थे के तीर्थयात्रियों को रास्ता दिखाते सुरक्षा में तैनात जवान।
पहलगाम नुनवां बेस कैंप पर बड़ा मेडिकल अस्पताल है। चंदनवाड़ी में 100 बिस्तर का मुख्य बेस अस्पताल बनाया गया है। चढ़ाई से पहले यहां जांच करा सकते हैं। पिस्सू टॉप पर भी मेडिकल एड सेंटर है। फिर शेषनाग कैंप में रात्रि विश्राम पड़ाव पर बेस अस्पताल बनाया गया है।

पहले जत्थे में 3707 पुरुष, 816 महिलाएं, 16 बच्चे, 246 साधु और 37 साध्वियां शामिल हैं।
अमरनाथ यात्रा से जुड़ी 3 बड़ी जानकारी
मोबाइल कनेक्शन: दोनों बेस कैंपों पर बीएसएनएल, जियो और एयरटेल के विशेष काउंटर लगाए गए हैं, जहां यात्री अपनी आईडी दिखाकर यात्रा के लिए उपयोगी अस्थायी पोस्टपेड सिम खरीद सकते हैं। इस इलाके में सिर्फ पोस्टपेड सिम ही काम करती है।
निवास सुविधा: बालटाल बेस कैंप में 57 लंगर हैं। श्राइन बोर्ड ने कई जगह तंबू लगवाए हैं। 800 रु. तक में बेड मिल जाएंगे। 3 हजार लोगों के लिए विशाल यात्री निवास भी तैयार है। संस्थानों ने भी इंतजाम किए हैं। इस तरह 30 हजार लोग एक साथ कैंप में रुक सकते हैं।
मौसम अपडेट: मौसम विभाग ने 6 जुलाई तक दोनों रूट पर तेज बारिश की आशंका जताई है। दो दिन से बालटाल बेस कैंप से गुफा तक रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बालटाल रूट पर बरारी से रेलपथरी तक भूस्खलन जोन हैं। इस रूट पर 12 जगह वाटरप्रूफ डोम बनाए हैं।
2029 से अमरनाथ के लिए केबल कार चलाने की तैयारी
अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु 2029 से बालटाल रूट पर केबल कार से सफर कर सकेंगे। केंद्र सरकार अगले साल अप्रैल से 11.6 किमी लंबे रोपवे प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू करने की तैयारी में है। परियोजना पूरी होने के बाद बालटाल से संगम टॉप तक पहुंचने में 5 से 8 घंटे की जगह 25 से 30 मिनट लगेंगे।

