रीवा सर्किट हाउस रेप कांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, 5 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा
रीवा सर्किट हाउस रेप कांड में न्यायालय ने मुख्य आरोपी महंत सीताराम के साथ कुल पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित संजय त्रिपाठी समेत चार अन्य आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।
रीवा। चर्चित सर्किट हाउस रेप कांड में न्यायालय ने 23 दिसंबर मंगलवार ो ऐतिहासिक फैसला सुनाया। मामले के मुख्य आरोपी महंत सीताराम के साथ कुल पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं, अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित संजय त्रिपाठी समेत चार अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
रीवा की चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती पदमा जाटव ने 23 दिसंबर 2025 को इस विशेष प्रकरण (क्रमांक 40/2022) में अपना निर्णय सुनाया। पुलिस थाना सिविल लाइन, रीवा में दर्ज प्रकरण संख्या 142/2022 के तहत आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं 342, 504, 323, 328, 376, 120B, 366A, 109, 176, 201, 202, 354 और पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत मामला दर्ज था।
अपने फैसले में न्यायालय ने कहा कि महंत सीताराम, विनोद पांडे, अंशुल मिश्रा, धीरेंद्र मिश्रा और रवि शंकर शुक्ला की भूमिका गंभीर पाए जाने पर उन्हें अशेष जीवन तक कारावास की सजा दी गई। वहीं, जानवी दुबे, तौसीफ अंसारी, संजय त्रिपाठी और मोनू मिश्रा को मामले में भूमिका नहीं होने के कारण बरी कर दिया गया। संजय त्रिपाठी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शेरा सिंह ने पैरवी की।
फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायालय के निर्णय को न्यायसंगत बताया। वरिष्ठ वकीलों का मानना है कि यह फैसला अन्य ऐसे मामलों में एक मिसाल बनेगा और कानून की शक्तिशाली पकड़ का संदेश देगा।
इस फैसले के बाद रीवा में समाज में राहत की भावना है, जबकि कड़ी सजा पाए आरोपियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। न्यायालय का यह निर्णय न केवल पीड़ितों के हक में है, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Varsha Shrivastava 
