भोपाल: ज्योतिष विषय पर राष्ट्रीय स्तर का महा सम्मेलन, 2 दिन में आयोजित हो रहे 6 सत्र
राजधानी में पहली बार ज्योतिष विषय पर राष्ट्रीय स्तर का महा सम्मेलन का आयोजन। शासकीय रामानंद संस्कृत महाविद्यालय के सभागार में दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन 28 जनवरी को हुआ।
भोपाल। पहली बार ज्योतिष विषय पर राष्ट्रीय स्तर का दो दिवसीय महा सम्मेलन का आयोजन हुआ है। गुफा मंदिर लालघाटी के पास स्थित शासकीय रामानंद संस्कृत महाविद्यालय में 28 जनवरी को सम्मेलन का उद्घाटन हुआ। 29 जनवरी तक चलने वाला ये सम्मेलन मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित हो रहा है।

दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में होंगे 6 सत्र
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पहली बार ज्योतिष विषय पर राष्ट्रीय स्तर का महा सम्मेलन आयोजित हो रहा है। गुफा मंदिर लालघाटी के पास स्थित शासकीय रामानंद संस्कृत महाविद्यालय के सभागार में दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन बुधवार 28 जनवरी को किया गया। 29 जनवरी तक चलने वाले इस सम्मेलन में प्राचीन और अर्वाचीन संदर्भ में ज्योतिष के विषयों पर चर्चा की जाएगी।

दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में 6 सत्र होंगे। जिसमें प्रदेश के विविध प्रांत से और देश के विशिष्ट संस्थाओं से लगभग 100 प्रतिभागी और विद्वान अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। ऑनलाइन और ऑफलाइन रूप से सम्मिलित होने वाले लगभग 200 शोधार्थियों का आवेदन पत्र अभी तक प्राप्त हो चुका है।
सम्मेलन के उद्घाटन में उपस्थित रहे गणमान्य नागरिक
डॉ सरला चतुर्वेदी ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की और संयोजन डॉ गणेश त्रिपाठी सहायक प्राध्यापक ज्योतिष शासकीय रामानंद संस्कृत महाविद्यालय ने किया। ज्योतिष महा सम्मेलन के उद्घाटन में उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त महोदय प्रबल सिपाहा, सेवानिवृत्ति आईपीएस अधिकारी डॉ शैलेंद्र श्रीवास्तव, परशुराम बोर्ड के अध्यक्ष श्री विष्णु राजोरिया उपस्थित रहे।

उच्च शिक्षा विभाग भोपाल नर्मदा पुरम संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ मथुरा प्रसाद, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अमित कुमार शुक्ल, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल के ज्योतिष विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर भारत भूषण मिश्रा, महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन के ज्योतिर्विज्ञान के विभाग अध्यक्ष डॉ शुभम शर्मा सहित अन्य विद्वानों ने भी शिरकत की।
सम्मेलन में सभी प्रतिभागियों को दिया जाएगा प्रमाण पत्र
सम्मेलन में पस्थित होने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान दिया जाएगा। वहीं, चयनित उत्कृष्ट शोध पत्रों का प्रकाशन महाविद्यालय की स्मारिका में होगा। बता दें, 1986 से संचालित शासकीय रामानंद संस्कृत महाविद्यालय अपने आप में अभूतपूर्व है। यहां पहली बार ज्योतिष के विषयों को लेकर देश के विविध विद्वानों द्वारा मंथन किया जा रहा है।

इस सम्मेलन में वाराणसी, उज्जैन, भोपाल, दरभंगा, देवेंद्र नगर पन्ना, इंदौर, सीधी, ग्वालियर आदि स्थान से विशिष्ट गणमान्य लोग आए हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में यह सम्मेलन संचालित हो रहा है। जिसमें समसामयिक ज्योतिष के विषयों के साथ पंचांग की एकरूपता को लेकर भी चर्चा होगी। व्रत पर्व निर्धारण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ज्योतिष सहित नवीन शिक्षा नीति में ज्योतिष आदि विषयों को लेकर भी मंथन किया जाएगा।
Varsha Shrivastava 
