इंदौर दूषित जल कांड: मरने वालों का आंकड़ा 20 पहुंचा

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों की संख्या बढ़ कर 20 हो गई है। सरकार ने हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में सिर्फ चार मौतों का जिक्र किया है

इंदौर दूषित जल कांड: मरने वालों का आंकड़ा 20 पहुंचा

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों की संख्या बढ़ कर 20 हो गई है। सरकार ने हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में सिर्फ चार मौतों का जिक्र किया है जबकि 18 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए की सहायता दी जा चुकी है। प्रशासन ने परिजन को मुआवजा देने के लिए बनाई गई सूची में बुधवार को दो नए नाम जोड़े हैं। इनमें रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु खुपराव शामिल हैं।

इधर,  दूषित पानी से हुई मौतों के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम ने युद्धस्तर पर सुधार कार्य शुरू कर दिए हैं। सबसे गंभीर रूप से प्रभावित इलाकों में ड्रेनेज और वाटर सप्लाई सिस्टम को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है।

दरअसल इंदौर नगर निगम टीम लगातार ड्रेनेज पाइपलाइन बदलने के साथ-साथ पेयजल पाइपलाइन में क्लोरीन डालकर उसकी गहन सफाई कर रही है, ताकि किसी भी प्रकार के संक्रमण की संभावना खत्म की जा सके। वही कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि क्षेत्र में पाइपलाइन सुधार कार्य कई राउंड में चल रहे हैं और अधिकांश शासकीय बोरों की मरम्मत लगभग पूरी हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि साढ़े तीन सौ से अधिक निजी बोरों में भी सफाई, क्लोरीनेशन और तकनीकी जांच का कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर फ्लैटों के नीचे स्थित बोरों को चिन्हित कर वहां भी सुधार कार्य किया जा रहा है। प्रशासन ने पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार सैंपलिंग की प्रक्रिया जारी रखी है।

कलेक्टर वर्मा ने बताया कि नर्मदा लाइन को पुनः सुचारू करने की तैयारी भी जारी है। इसके लिए पाइपलाइन में उच्च स्तर का क्लोरीनेशन कर फ्लशिंग की जा रही है। इसके बाद दोबारा सैंपल लिए जाएंगे और क्लोरीन लेवल तथा बैक्टीरियल रिपोर्ट संतोषजनक मिलने पर ही लाइन को चालू किया जाएगा।