धार भोजशाला मामला: SC के इंदौर हाईकोर्ट ने समय-सारणी लागू करने के दिए निर्देश
कोर्ट ने भोजशाला परिसर में पूजा और नमाज के समय को लेकर स्पष्ट समय-सारणी तय की है और स्थानीय प्रशासन को इसे सख्ती से लागू कराने का आदेश दिया
धार। जिले में भोजशाला को लेकर विवाद के बीच इंदौर हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप अहम निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने भोजशाला परिसर में पूजा और नमाज के समय को लेकर स्पष्ट समय-सारणी तय की है और स्थानीय प्रशासन को इसे सख्ती से लागू कराने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार, भोजशाला परिसर में सुबह सूर्योदय से दोपहर 12 बजे तक बसंत पंचमी पूजा की अनुमति रहेगी। इसके बाद दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज अदा की जाएगी। दोपहर 3 बजे के बाद सूर्यास्त तक फिर से पूजा की अनुमति दी गई है। यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
यह मामला धार के रहने वाले जुबरान अंसारी और एक अन्य याचिकाकर्ता द्वारा शुक्रवार की नमाज की अनुमति को लेकर दायर याचिका के बाद सामने आया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन हर हाल में किया जाएगा। प्रशासन को इस दौरान नमाज अदा करने वाले लोगों के लिए पास जारी करने और पूरे परिसर में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हालांकि कोर्ट ने नमाज अदा करने वाले लोगों की संख्या को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए हैं। प्रशासन ने इस मामले में सतर्कता बरतते हुए भोजशाला परिसर में तय समय के अनुसार ही पूजा और नमाज की अनुमति देने का निर्णय लिया है।
अधिवक्ता अशर वारसी ने भी इस मामले में कहा कि न्यायालय के निर्देशों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है और इससे दोनों समुदायों के बीच विवादों को न्यूनतम रखा जा सकेगा। वहीं, प्रशासन ने परिसर में निगरानी बढ़ा दी है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोर्ट द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही पूजा और नमाज आयोजित हों। इस फैसले से धार जिले में धार्मिक आयोजनों के समय को लेकर स्थायी व्यवस्था लागू हो सकेगी और शांति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
Varsha Shrivastava 
