अंदर की बात : बढ़ेगी सचिव की मुश्किलें

Ander Ki Baat : शिकायत की कापी और आडियो (जिसमें सचिव को पैसा देने की बात कही जा रही है) पब्लिक वाणी के पास मौजूद है। गोपनीयता बरकरार रखते हुए इसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है।

अंदर की बात : बढ़ेगी सचिव की मुश्किलें

मृगेन्द्र सिंह @ भोपाल

मंत्रालय में पदस्थ सचिव स्तर के एक अधिकारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसका कारण मुख्यमंत्री सचिवालय को की गई एक शिकायत है। शिकायत में सचिव के विभाग में प्रतिनियुक्ति पदस्थ पर एक अधिकारी द्वारा उनके नाम पर पैसा मांगने का जिक्र है। प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अफसर इतना निडर है कि पूस का पैसा भी अपने खाते में डलवाता है। कोई व्यक्ति यदि किसी कार्य के लिए उसके पास पहुंचता है, तो उक्त अफसर पहले कार्य कराने की गारंटी लेता है और कहता है कि उसे पैसे की बहुत जरूरत है। कुछ माह के लिए उधार दे दे, जब पैसे आएंगे तब वापस लौटा देगा। जब पीडित व्यक्ति उधार दी गई राशि मांगने वापस जाता है, तो जवाब रहता है कि साहेब को पैसा दे दिया है। आपका काम हो जाएगा। पैसा लौटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ज्यादा समय निकलने के बाद काम नहीं हुआ और पैसा भी वापस नहीं लौटा, तब लोगों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मामले की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने एसीएम को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच अभी तक शुरू नहीं हुई। शिकायत की कापी और आडियो (जिसमें सचिव को पैसा देने की बात कही जा रही है) पब्लिक वाणी के पास मौजूद है। गोपनीयता बरकरार रखते हुए इसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है।

अक्सर छु‌ट्टी पर

प्रमुख सचिव स्तर के एक अधिकारी अधिकतर अवकाश पर रहते हैं। विभाग में यदि कोई समस्या आने वाली होती है, तो साहेब भोपाल से बाहर चले जाते हैं। कई बार ऐसा हो चुका है। अब देखना यह है कि कब तक साहेव के पास दो बड़ी जिम्मेदारियां रहती हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों की कमी के कारण उनी दो महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। अब इतना तय है कि साहेन से एक विभाग जल्द जाएगा।

पीएस और विभागाध्यक्ष में ठनी

मलाईदा विभाग के प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्ष में ठन गई है। विभागाध्यक्ष की तर ईमानदार और निषम प्रकिया के तहत कार्य करने वाले अधिकारी सुनते। चाहे कोर्ट करें। इसमे प्रमुख है। प्रमुख सचिव चाहते हैं कि उनके अनुसार कार्य हो। साहेब की बहुत दिनों बाद मलाईदार पद मिला है लेकिन कम मिल रही है। आपको सुविधा के लिए बादूकोमलाई पद मिलते ही उसका एका रिश्तेदार सक्रिय हो जाता है। सब लोग आजकल यहां पहुंचने लगे है।

पूरा जिला परेशान

मध्यप्रदेश का एक ऐसा जिला है। जिसके पुलिस कप्तान से पूरा जिला परेशान है। हां, साहब जरूर मौज में है। मातहतों को परेशानी इसलिए है कि साहब सही काम को भी लटका देते हैं। सरकार ने पदोन्नति के लिए सभी को समत आदेश दे रखा है। कुपदोन्नतियां बिना मन की साहब ने भी की थी, लेकिन कई लटका दी है। अब पदोन्नति की राह देखने वाले चक्कर काट रहे हैं। पदोन्नति एक उदाहरण है, माहज सामान्य काम भी का देते हैं।कासित कि आरवासन पूरा देते हैं, काम नहीं करते हैं। कनप्रतिनिधि भी परेशान हैं। बताते हैं कि नवरात्रि में साहब की विदाई के लिए मन्नत भी मांगों गई है। देखिए आगे होता है क्या?