देश का पहला जल संरक्षण आधारित रोल मॉडल बनेगा इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग

देश का पहला जल संरक्षण आधारित रोल मॉडल बनेगा इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग, 300 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा तैयार सड़क के दोनों ओर जल निकासी तंत्र, रिचार्ज प्वाइंट और वैज्ञानिक जल प्रबंधन संरचनाएं विकसित की गई हैं।

देश का पहला जल संरक्षण आधारित रोल मॉडल बनेगा इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग

इंदौर: प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास, जनकल्याण और आधुनिक अधोसंरचना के 12 स्वर्णिम वर्षों के उपलक्ष्य में चल रहे जनसंपर्क अभियान के तहत सांसद शंकर लालवानी ने सांवेर विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पूर्ण होने के बाद सांवेर विधानसभा सहित संपूर्ण इंदौर क्षेत्र आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। यह मार्ग मालवा क्षेत्र के विकास का नया द्वार साबित होगा।

100 प्रतिशत संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण की विशेष व्यवस्था

सांसद लालवानी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग केवल सड़क परियोजना नहीं, बल्कि जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और समग्र विकास का राष्ट्रीय स्तर का आदर्श मॉडल बनने जा रहा है। इंदौर संसदीय क्षेत्र में आने वाले लगभग 26 किलोमीटर लंबे मार्ग पर वर्षा जल के 100 प्रतिशत संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण की विशेष व्यवस्था की गई है।

सड़क के दोनों ओर जल निकासी तंत्र, रिचार्ज प्वाइंट और वैज्ञानिक जल प्रबंधन संरचनाएं विकसित की गई हैं, ताकि वर्षा की प्रत्येक बूंद धरती में समाहित होकर भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण की योजना बनते समय उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष जल संरक्षण और पहाड़ियों के संरक्षण का विशेष प्रस्ताव रखा था। मंत्री ने इस नवाचार को परियोजना में शामिल करने के निर्देश दिए थे।

पांच बड़े तालाबों से होगा जल संरक्षण

सांसद के अनुसार मार्ग के किनारे पांच बड़े तालाबों का निर्माण किया गया है, जिनमें 100 बीघा से अधिक क्षेत्र में जल संरक्षण किया जाएगा। इससे भू-जल स्तर में वृद्धि होने के साथ किसानों को भी दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।

300 करोड़ की परियोजना

 करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रहा राष्ट्रीय राजमार्ग अंतिम चरण में है। ग्रामीण क्षेत्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दोनों ओर सर्विस रोड बनाई गई हैं। गांवों के बीच सुरक्षित आवागमन के लिए लगभग 12 बड़े अंडरपास बनाए गए हैं, जिनकी चौड़ाई करीब 100 फीट रखी गई है।

मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

परियोजना में छह बड़े पुल और 25 से अधिक पुलियों का निर्माण भी किया गया है। आधुनिक स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के माध्यम से वर्षा जल को विशेष रिचार्ज चैंबरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, जो क्षेत्र के भू-जल स्तर को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।