MP सरकार को मिली सफलता, TET की अनिवार्यता पर 13 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

MP सरकार को मिली सफलता, TET की अनिवार्यता पर 13 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, शिक्षकों को मिल सकती राहत

MP सरकार को मिली सफलता, TET की अनिवार्यता पर 13 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

भोपाल: मध्य प्रदेश में शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। मोहन सरकार ने इस मामले में पुनर्विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू याचिका लगाई थी। इसे लेकर सरकार को बड़ी सफलता मिली है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका स्वीकार हो गई है। इसके लिए सुनवाई की तारीख 13 मई को नियत की गई है।

सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़े प्रकरण में दायर रिव्यू याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई नियत की है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण से संबंधित आवेदनों को स्वीकार करते हुए मामले को ओपन कोर्ट में सुनवाई हेतु सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।

13 मई को होगी सुनवाई

कोर्ट के आदेशानुसार, इस महत्वपूर्ण प्रकरण की सुनवाई 13 मई को दोपहर 2 बजे नियत की गई है। यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अनुमति के अधीन होगी। यह निर्णय शिक्षकों के पक्ष को विस्तार से रखने का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, मामले के न्यायिक पुनर्विचार का मार्ग प्रशस्त करेगा।

महत्वपूर्ण कानूनी पहल

मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश शासन ने शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण कानूनी पहल की है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार शिक्षकों के अधिकारों और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकरण में पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखेगी। शासन को विश्वास है कि न्यायालय में प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर शिक्षकों को न्याय मिलेगा।

शिक्षक कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मध्यप्रदेश शासन ने 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसमें शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी जरूरी बताया गया है। इस फैसले के बाद कई कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनके आवास पर मुलाकात की थी। संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पैदा हुई स्थितियों की जानकारी उन्हें दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री यादव ने सभी को आश्वासन दिया था कि शिक्षकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोर्ट की प्रक्रिया में किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो। सरकार हर समय शिक्षकों के साथ है