4 महीने के जुड़वां बच्चे कुपोषण का शिकार, एक की मौत, एक रीवा रेफर

सतना जिले के मझगवां ब्लॉक में 4 माह के जुड़वां गंभीर कुपोषित बच्चों में से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर हालत में रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

4 महीने के जुड़वां बच्चे कुपोषण का शिकार, एक की मौत, एक रीवा रेफर

सतना मझगवां ब्लॉक के पथरा-सुरांगी गांव में महज 4 माह के जुड़वां गंभीर कुपोषित मिले। दो बच्चों में से सुप्रांशी की इलाज के दौरान जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक आईसीयू में मौत हो गई, जबकि दूसरे गंभीर कुपोषित नैतिक को मेडिकल कॉलेज रीवा रेफर कर दिया गया है। दोनों गंभीर कुपोषित पिछले 15 दिनों से बुखार के साथ डायरिया से पीड़ित थे।

परिजन सुरांगी के बगल के जुगुलपुर गांव में इलाज करा रहे थे। 15 दिन में 5 बार दिखवाने के बाद भी जब आराम नहीं मिला तो 21 अप्रैल की शाम को परिजन दोनों कुपोषित बच्चों को लेकर मझगवां सीएचसी पहुंचे थे, जहां से दोनों को जिला अस्पताल रेफर किया गया था। महज 4 माह की गंभीर कुपोषित मासूम की मौत ने एक बार फिर कुपोषण की रोकथाम को लेकर महिला बाल विकास के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है।

महिला बाल विकास अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए सेक्टर सुपरवाइजर करुणा पांडेय और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूजा पांडेय को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है।

मझगवां ब्लॉक में कुपोषण से बच्चों की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। अक्टूबर 2025 में जैतवारा के पास मरवा गांव में भी 4 माह के हुसैन रजा की मौत हो चुकी है। तकरीबन 4 वर्ष पहले सुरांगी में भी गंभीर कुपोषित बच्ची की मौत हो गई थी। पीआईसीयू में इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि 15 दिन से बीमार होने की वजह से सुप्रांशी गंभीर रूप से संक्रमित थी। सांस लेने में तकलीफ की वजह से बुधवार को उसे वेंटिलेटर में भी शिफ्ट किया गया था।

नैतिक भी इन्फेक्शन की चपेट में है। कुपोषित बच्चों को ढाई माह में लगने वाले टीके भी नहीं लगे थे। सूत्रों ने बताया कि नगरीय क्षेत्र होने की वजह से पथरा-सुरांगी में आशा की नियुक्ति नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की जिम्मेदारी थी कि कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराती, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

वहीं जिला कलेक्टर के आदेश के बाद गांव में दवाई कर रहे झोला-छाप डॉक्टर प्रेम लाल अनुरागी के क्लीनिक को सील कर क्लीनिक के अंदर से लगभग 100 प्रकार की दवाइयां भी जप्त की गईं और क्लीनिक को सील कर दिया गया है।