Caller Name Display Rule : 1 नवंबर से फोन पर दिखेगा कॉलर का रजिस्टर्ड नाम, जानें नया नियम

Caller Name Display Rule : 1 नवंबर 2026 से कॉलर का नाम दिखाने वाली CNAP (Calling Name Presentation) सुविधा को लेकर नया निर्देश लागू होगा। इसके तहत 4G और उससे आगे के मोबाइल नेटवर्क पर कॉल करने वाले का टेलीकॉम कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज नाम दिखाई देगा।

Caller Name Display Rule : 1 नवंबर से फोन पर दिखेगा कॉलर का रजिस्टर्ड नाम, जानें नया नियम

CNAP New Rule 2026 : 1 नवंबर 2026 से मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आने पर सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा। दूरसंचार विभाग ने इसके लिए कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सुविधा लागू करने का निर्देश दिया है। यह व्यवस्था शुरुआती चरण में 4G और उससे आगे के मोबाइल नेटवर्क पर लागू होगी। इससे अनजान कॉल पहचानने में मदद मिल सकती है, लेकिन यह फर्जी कॉल से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं है।

अनजान नंबर से कॉल आने पर क्या दिखेगा?

दूरसंचार विभाग के 13 अक्टूबर 2026 के सर्कुलर के मुताबिक, 1 नवंबर से 4G और उससे आगे के मोबाइल नेटवर्क पर CNAP सुविधा लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कॉल करने वाला नंबर आपके फोन में सेव नहीं है, तो घरेलू कॉल के दौरान स्क्रीन पर टेलीकॉम कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज नाम दिखाया जाएगा। वहीं, नंबर पहले से सेव होने पर आपके फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में दर्ज नाम को प्राथमिकता मिलेगी। इसका उद्देश्य लोगों को अनजान कॉल की पहचान करने में मदद देना है।

सिम खरीदते समय दर्ज नाम ही क्यों दिखेगा?

CNAP में कॉल करने वाले का नाम उसके टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक रिकॉर्ड से लिया जाएगा। यानी सिम के ग्राहक आवेदन फॉर्म और संबंधित रिकॉर्ड में जो नाम दर्ज है, वही नाम स्क्रीन पर दिख सकता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि फोन इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति भी वही हो जिसके नाम पर सिम पंजीकृत है इसलिए स्क्रीन पर नाम देखकर कॉल करने वाले की पहचान पूरी तरह पक्की नहीं माननी चाहिए। व्यावसायिक और बड़े कनेक्शन के लिए सत्यापन के बाद पंजीकृत व्यापार नाम या ट्रेडमार्क दिखाने की अनुमति भी दी जा सकती है।

क्या इससे फर्जी कॉल और धोखाधड़ी रुक जाएगी?

नाम दिखाई देने से अनजान कॉल को समझने में मदद मिल सकती है, लेकिन इससे सभी फर्जी कॉल की पहचान नहीं हो पाएगी। कोई धोखेबाज बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी परिचित के नाम पर बात करने का दावा कर सकता है। स्क्रीन पर दिखने वाला नाम अपने आप में इस बात का प्रमाण नहीं है कि कॉल असली है। किसी भी कॉल पर ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। बैंक या सरकारी विभाग के नाम से संदिग्ध कॉल आने पर संबंधित संस्था के आधिकारिक नंबर से जानकारी की पुष्टि करें।

क्या 2G और 3G फोन पर भी दिखेगा नाम?

फिलहाल दूरसंचार विभाग का निर्देश 4G और उससे आगे की तकनीक वाले वायरलेस मोबाइल नेटवर्क के लिए है। 2G, 3G और लैंडलाइन नेटवर्क पर इस सुविधा को लागू करने के विषय पर अलग से विचार किया जाएगा। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि 1 नवंबर से हर तरह के फोन पर कॉल करने वाले का नाम अनिवार्य रूप से दिखाई देगा। सुविधा का अनुभव फोन, नेटवर्क और टेलीकॉम ऑपरेटर की व्यवस्था पर भी निर्भर कर सकता है।

अंतरराष्ट्रीय कॉल और नाम छिपाने की सुविधा का क्या होगा?

नियम के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय कॉल के मामले में कॉल करने वाले का नाम दिखाने के बजाय स्क्रीन पर “International Call” लिखा आएगा। वहीं, जिन ग्राहकों ने निर्धारित नियमों के तहत कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन (CLIR) सुविधा ली है, उनका नाम प्रदर्शित नहीं किया जाएगा।

टेलीकॉम कंपनियों को CNAP से जुड़ी गलत नाम-प्रदर्शित होने जैसी शिकायतों के लिए समयबद्ध समाधान व्यवस्था भी बनानी होगी। विभाग ने नाम की जानकारी की सुरक्षा के लिए तकनीकी उपायों का निर्देश दिया है, जिसमें कॉल समाप्त होने के बाद CNAP क्वेरी के जरिए मिली नाम संबंधी जानकारी को बनाए न रखना शामिल है।