पब्लिक वाणी खास खबर : माशिमं मुख्यालय से नहीं होगी डुप्लीकेट और संशोधित अंकसूची की प्रिंटिंग
Public Vani Khas Khabar : एक नवंबर से संभागीय अधिकारियों को दिए अधिकार, छात्रों को जल्द मिलेगी डुप्लीकेट व संशोधित अंकसूची
प्रदेश के छात्रों को मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल राहत देते डुप्लीकेट व संशोधित अंकसूची की प्रिटिंग के अधिकार संभागीय कार्यालयों को दे दिए हैं। इस संबंध में सचिव माशिमं बुद्धेश कुमार वैद्य ने आदेश जारी कर दिए हैं। प्रदेश में दसवीं-बारहवीं परीक्षा में हर साल 18 लाख परीक्षार्थी शामिल होते हैं। इसमें से करीब आठ से दस हजार छात्रों की अंकसूची में गलतियां होती है। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद छात्रों को जल्द संशोधित अंकसूची चाहिए होती है। इसके लिए छात्र एमपी ऑनलाईन के माध्यम से आवेदन करते हैं। आवेदन के बाद संशोधन के प्रकरणों में प्रदेश के जिलों की समन्वयक संस्थाओं द्वारा गुण दोष के आधार पर उनका निराकरण कर संशोधन किया जाता है। इन प्रकरणों का अनुमोदन कर मंडल मुख्यालय की लॉगिन पर स्थानान्तरित किया जाता है एवं उक्त आधार पर मंडल मुख्यालय के अभिलेख कक्ष में केंद्रीयकृत रूप से अंकसूचियां प्रिटिंग कर आवेदकों के पते पर स्पीड पोस्ट के माध्मम से भेजने की कार्यवाही की जाती है।
मुख्यलय से भेजन पर इसमें देरी होती है। इसे देखते हुए माशिमं ने अब छात्रहित में संशोधित अंकसूची प्रिटिंग करने का कार्य मंडल के संभगीय कार्यालय 1 नवम्बर 2026 से स्थानान्तरित कर दिया है, लेकिन डुप्लीकेट अंकसूची, प्रमाण-पत्र एवं संशोधित अंकसूची के लिए निर्धारित की गई प्रक्रिया एवं निर्देश यथावत रहेंगे। इस आदेश से छात्रों को अंकसूचियां जल्द मिलेंगी।
वर्ष 2003 के बाद की अंकसूची के आवेदन होंगे ऑनलाइन
माशिमं एमपी ऑनलाइन के माध्यम से वर्ष 2003 के बाद से वर्तमान वर्ष तक आवेदन लेता है। वर्ष 2003 तक के पहले की अंकसूचियां प्राप्त करने के लिए माशिमं मुख्यालय ऑफलाइन आवेदन करना होता है।
डिजिटल सिग्नेचर भी एक करने की तैयारी
माशिमं द्वारा संभागीय कार्यालयों को प्रिटिंग के अधिकार दिए जाने के बाद डिजिटल सिग्नेचर भी एक करने की तैयारी की जा रही है। माशिमं में अभी तक संभागीय कार्यालयों से मिलने वाली संशोधित अंकसूची अलग-अलग संभागीय अधिकारियों के हस्ताक्षर होते है। कई बार इससे विवाद की स्थिति बनती है कि माशिमं में अंकसूचियों पर अलग-अलग हस्ताक्षर क्यों किए गए है। इससे दूर करने के लिए सभी संभागीय कार्यालय से मिलने वाली संशोधित या डुप्लीकेट अंकसूची पर सचिव माशिमं के डिजिटल सिग्नेचर होंगे। इस संबंध में भी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। जल्द ही इसके भी आदेश जारी होंगे।
इनका कहना है
6 एक नवंबर से डुप्लीकेट व संशोधित अंकसूची की प्रिटिंग संभागीय कार्यालयों से होगी। इससे छात्रों को कम समय में अंकसूची घर के पते पर मिल जाएगी।
- बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल

