उज्जैन से अयोध्या तक दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू, 950 किमी पैदल चलेंगे
दिग्विजय सिंह ने उज्जैन से सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू की। करीब 950 किमी की पदयात्रा में मंदिरों के चढ़ावे की पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों के मुद्दे उठाए जाएंगे।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने विजयादशमी के अवसर पर 20 अक्टूबर को उज्जैन से ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ की शुरुआत की। करीब 950 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा अयोध्या स्थित राम मंदिर तक जाएगी। इसे लगभग 70 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है। यात्रा में धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं और मतदाता अधिकारों जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे।

महाकाल के दर्शन और पूजा के बाद शुरू हुई यात्रा
यात्रा की शुरुआत से पहले दिग्विजय सिंह ने अपनी पत्नी अमृता राय के साथ उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने पार्थिव शिवलिंग पूजन में भी हिस्सा लिया। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पदयात्रा शुरू हुई

यात्रा का उद्देश्य क्या है?
दिग्विजय सिंह के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य धर्म के नाम पर कथित अनियमितताओं, मंदिरों में चढ़ावे और दान के इस्तेमाल में पारदर्शिता तथा सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यात्रा में मतदाता सूची और वोट से जुड़े मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं।

उज्जैन से अयोध्या तक क्या रहेगा रूट?
यात्रा मध्य प्रदेश के कई शहरों और कस्बों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी।
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मध्य प्रदेश: उज्जैन, तराना, शाजापुर, सारंगपुर, खुजनेर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर और चंदेरी।
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उत्तर प्रदेश: तालबेहट, ओरछा के रास्ते आगे बढ़कर चिरगांव, उरई, कालपी, कानपुर देहात, लखनऊ देहात और बाराबंकी होते हुए अयोध्या पहुंचेगी।
यात्रा में शामिल होंगे साधु-संत
यात्रा को कई धार्मिक संतों का समर्थन मिलने की बात सामने आई है। इनमें ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती के नाम शामिल हैं। यात्रा के साथ भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की प्रतिमाओं वाला रथ भी चल रहा है। इसमें पांच नदियों—गंगा, यमुना, शिप्रा, कावेरी और नर्मदा के जल से भरे कलश रखे गए हैं।

