Jan Impeachment : संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्ष होकर काम करे चुनाव आयोग - जन-महाभियोग कार्यक्रम में बोले खरगे

Jan Impeachment : CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन ने दिल्ली में मॉक संसद आयोजित की। मल्लिकार्जुन खरगे ने सांकेतिक जन-महाभियोग प्रस्ताव पेश कर SIR और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

Jan Impeachment : संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्ष होकर काम करे चुनाव आयोग - जन-महाभियोग कार्यक्रम में बोले खरगे

Jan Impeachment : नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन ने विरोध तेज कर दिया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष ने दिल्ली में ‘मॉक संसद’ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के आवास 10 राजाजी मार्ग पर आयोजित हुआ। यहां खरगे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सांकेतिक ‘जन-महाभियोग प्रस्ताव’ पेश किया। कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी पहुंचे। उनके संबोधन का कार्यक्रम के अंत में इंतजार किया जा रहा है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम में कहा CEC ज्ञानेश कुमार से हमारा कोई निजी बैर नहीं है। हमारी मंशा है कि संविधान की भावना के अनुरूप चुनाव आयोग निष्पक्ष होकर काम करे। उदाहरण के लिए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम या फ्रांस को ही लें। इनमें से कई देशों में, लोकतंत्र की स्थापना के तुरंत बाद महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं दिया गया था। लेकिन भारत एक ऐसा देश है, जिसने अपना संविधान लागू होते ही सभी को यह अधिकार दे दिया। इसने महिलाओं, दलितों, वंचितों और गरीबों को - उनकी पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना - यह अधिकार दिया। उस समय भी, RSS ने इस अधिकार पर आपत्ति जताई थी और इसका विरोध किया था।  

खरगे बोले- खतरे में है वोट डालने का अधिकार

कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं। खरगे ने कहा कि विपक्ष का चुनाव आयुक्त से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। उनकी मांग है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम करे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के मतदाताओं के वोट काटे जा रहे हैं। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात में लोगों का वोट डालने का अधिकार खतरे में है।

संसद में नोटिस स्वीकार नहीं होने पर चुना नया रास्ता

विपक्ष इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ संसद में महाभियोग का नोटिस देने की कोशिश कर चुका है। हालांकि, विपक्षी दलों का दावा है कि लोकसभा और राज्यसभा के पीठासीन अधिकारियों ने उनके नोटिस स्वीकार नहीं किए। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि संसद में चर्चा का रास्ता नहीं खुलने के बाद विपक्ष ने जनता के सामने अपनी बात रखने का फैसला किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की निष्पक्ष भूमिका पर भी सवाल उठाए। हालांकि, यह मॉक संसद एक राजनीतिक विरोध कार्यक्रम है। इसे संसद की आधिकारिक कार्यवाही या संवैधानिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं माना जा सकता।

SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर आरोप

विपक्ष का मुख्य विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियां हुई हैं। इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होने की आशंका है। विपक्ष चुनाव आयोग से पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहा है। इसी बीच द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें SIR से जुड़े फैसले भी शामिल थे। इस रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग की आंतरिक निर्णय प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हुई।

राहुल गांधी के संबोधन और दिल्ली रैली पर नजर

इस आयोजन में राहुल गांधी का संबोधन भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष को उम्मीद है कि उनके भाषण से चुनाव आयोग और SIR को लेकर जारी विरोध को नई दिशा मिलेगी। INDIA गठबंधन इस मुद्दे को लोकतंत्र और मताधिकार से जोड़कर उठा रहा है। इसके साथ ही रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ रैली भी चर्चा में है। विपक्ष इस रैली के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाने की तैयारी कर रहा है।