Mauganj News : जागरूक युवा ही सुरक्षित समाज की नींव, मऊगंज में 'जन सुरक्षा-युवा सृजन संवाद' का भव्य समापन

Mauganj News : थाना कोतवाली घूमे छात्र, जानी FIR से e-FIR तक की प्रक्रिया। एसपी ने दिया साइबर मंत्र - OTP किसी को न दें, ठगी पर तुरंत डायल करें 1930।

Mauganj News : जागरूक युवा ही सुरक्षित समाज की नींव, मऊगंज में 'जन सुरक्षा-युवा सृजन संवाद' का भव्य समापन

राजेंद्र पयासी @ मऊगंज

युवाओं में कानून के प्रति जागरूकता और पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया मऊगंज पुलिस का महत्वाकांक्षी अभियान ‘जन सुरक्षा-युवा सृजन संवाद’ अपने मुकाम पर पहुंचा। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शहीद केदारनाथ शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित समापन समारोह में कानून, सुरक्षा और सृजन का अनोखा संगम देखने को मिला। मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा और पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे इस अभियान ने विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से निकालकर व्यावहारिक पुलिसिंग से जोड़ा।

समारोह में मुख्य मार्गदर्शक के रूप में मौजूद पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने छात्रों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में सबसे बड़ा खतरा साइबर अपराध है। कभी भी किसी अज्ञात कॉल, लिंक या व्यक्ति के साथ अपना OTP, बैंक खाता नंबर, CVV या आधार जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करें। महिला सुरक्षा, संवैधानिक अधिकार और कर्तव्यों पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर सभी को एकता और अखंडता की शपथ भी दिलाई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम ने युवाओं को साइबर फ्रॉड के नए-नए तरीकों, यातायात नियमों के पालन, मध्यप्रदेश सरकार की ‘राजवीर योजना’ और नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि एक जागरूक युवा पूरे समाज को नशामुक्त बना सकता है। एसडीओपी मऊगंज सचि पाठक (SDOP Mauganj Sachi Pathak) ने विशेष रूप से छात्राओं को महिला सुरक्षा कानूनों, गुड टच-बैड टच और हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जागरूक किया। वहीं डिप्टी कलेक्टर अजीत मिश्रा ने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य के करियर को लेकर महत्वपूर्ण टिप्स दिए।

जब छात्र पहुंचे थाने - देखी पुलिस की असली कार्यप्रणाली

अभियान का सबसे रोचक हिस्सा रहा थाना कोतवाली का शैक्षणिक भ्रमण। कॉलेज की चारदीवारी से निकलकर छात्र जब थाने पहुंचे तो उन्होंने पहली बार जाना कि शिकायत कैसे दर्ज होती है, संज्ञेय और असंज्ञेय अपराध में क्या अंतर है, प्राथमिक जांच क्या होती है। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें डायल-112 की त्वरित मदद, MP पुलिस की डिजिटल सेवाओं और घर बैठे e-FIR दर्ज करने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। इसका उद्देश्य पुलिस की छवि को मित्रवत बनाना और युवाओं में विश्वास पैदा करना था।

इसके साथ ही साइबर सुरक्षा सत्र में बताया गया कि फर्जी लिंक, लोन ऐप, सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग और OTP फ्रॉड से कैसे बचा जाए। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि किसी के साथ भी ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो ‘गोल्डन आवर’ में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या http://www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

कार्यक्रम के अंत में अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया और उनसे अपील की गई कि वे यहां सीखी बातों को अपने परिवार और गांव-समाज तक पहुंचाएं। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।