कॉलेज के क्लासरूम में KISS करते कपल: पहले भी सामने आए थे डांस-रील के वीडियो, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल

फिर विवाद में शासकीय शहीद केदारनाथ महाविद्यालय मऊगंज: क्लासरूम में युवक-युवती की अश्लील हरकतों का VIDEO वायरल, प्राचार्य ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही

कॉलेज के क्लासरूम में KISS करते कपल: पहले भी सामने आए थे डांस-रील के वीडियो, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल

मऊगंज से राजेंद्र पयासी की रिपोर्ट।

शासकीय शहीद केदारनाथ महाविद्यालय मऊगंज में क्लासरूम के अंदर कपल्स की कथित अश्लील हरकतों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से कॉलेज की अनुशासन व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इससे पहले भी महाविद्यालय परिसर में डांस और रील बनाने के वीडियो सामने आए थे। लगातार ऐसे मामले चर्चा में आने से कॉलेज प्रशासन की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, नए वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पहले भी सामने आए थे डांस और रील के वीडियो

महाविद्यालय में इस तरह के वीडियो सामने आने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 10 अक्टूबर को कॉलेज परिसर में भोजपुरी गानों पर छात्राओं के डांस करने, रील बनाने और रामायण के जयमाला गीत पर वीडियो शूट करने के मामले सामने आए थे। इन वीडियो को लेकर भी महाविद्यालय की गरिमा और अनुशासन पर सवाल उठे थे। अब नए वीडियो के वायरल होने से एक बार फिर कॉलेज की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

प्राचार्य ने जांच के बाद कार्रवाई की कही बात

शनिवार को सामने आए वीडियो के मामले में महाविद्यालय के प्राचार्य सोमनाथ पांडे ने कहा है कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है। अभी जबलपुर में छुट्टी पर होने की जानकारी देते हुए कहा कि रविवार को मऊगंज लौटने के बाद मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा है कि इस तरह के वीडियो सामने आने से महाविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचती है।

निगरानी और अनुशासन पर उठ रहे सवाल

लगातार वीडियो सामने आने के बाद महाविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने और परिसर की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्लासरूम में ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए क्या व्यवस्था है और जिम्मेदारों की निगरानी कितनी प्रभावी है, यह जांच का विषय है।

अब नए वीडियो के मामले में कॉलेज प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। साथ ही, यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जांच के जरिए वीडियो की वास्तविकता स्पष्ट की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।