इंदौर में कांग्रेस की न्याय यात्रा: गंदे पानी से मौतों के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन, जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

कांग्रेस ने न्याय यात्रा में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी हरीश चौधरी, जयवर्धन सिंह, अजय सिंह सहित प्रदेश के कांग्रेस विधायक-पार्षद, कांग्रेस सेवादल, महिला कांग्रेस के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

इंदौर में कांग्रेस की न्याय यात्रा: गंदे पानी से मौतों के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन, जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
Congress Nyay Yatra Indore

इंदौर। भागीरथपुरा में गंदे पानी के कारण हुई मौतों के खिलाफ कांग्रेस ने रविवार को न्याय यात्रा का आयोजन किया। पिछले कुछ दिनों में गंदे पानी के कारण 21 लोगों की जान चली गई और कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इस गंभीर घटना के बाद कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और स्वच्छ पानी की मांग की।

न्याय यात्रा में दिग्गज, बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी

बड़ा गणपति चौराहा से शुरू हुई इस यात्रा में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, एमपीसीसी प्रभारी हरीश चौधरी, जयवर्धन सिंह, अजय सिंह सहित प्रदेश के कई विधायक और पार्षद शामिल हुए। इसके अलावा कांग्रेस सेवादल और महिला कांग्रेस के पदाधिकारी भी इस यात्रा में मौजूद रहे।

न्याय यात्रा के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महापौर और बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने मांग की कि पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “घंटा मंत्री मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए।

दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार का संबोधन

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार गाड़ी की छत पर चढ़कर जनता को संबोधित करते रहे। दिग्विजय सिंह ने कहा, इंदौर में पार्षद से लेकर संसद तक पूरी तरह बीजेपी का कब्जा है। यह लंबी लड़ाई है और इसके लिए हमें घर-घर जाकर लोगों से चर्चा करनी होगी। जिस शहर को आठ साल तक लगातार सबसे साफ-सुथरा माना जाता था, वहां भागीरथपुरा में गंदे पानी के कारण कई परिवारों की जान चली गई। हम सभी मिलकर इस लड़ाई को जारी रखेंगे।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस हमेशा इंदौर की जनता के साथ खड़ी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मौतों के आंकड़े छुपाने की कोशिश कर रही है। सिंघार ने कहा, आज भी इंदौर के कई इलाकों में गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन सरकार इस पर कोई बात नहीं करना चाहती। आम जनता को साफ पानी पीने का अधिकार है, यह कोई दान नहीं है। इस मामले में 21 लोगों की जान चली गई और जिम्मेदार लोग कातिल हैं। उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने न्याय यात्रा के दौरान कहा कि हर जिले में पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए लेबोरेटरी होनी चाहिए। उन्होंने सभी जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं के इस्तीफे की भी मांग की।

शहर पर भागीरथपुरा की घटना से कलंक लग गया- जयवर्धन

कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने कहा कि जिस इंदौर शहर को भारत सरकार ने स्वच्छता में नंबर वन का दर्जा दिया था, आज उसी शहर पर भागीरथपुरा की घटना से कलंक लग गया है। उन्होंने कहा कि केवल छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई से बात नहीं बनेगी। जयवर्धन सिंह ने मांग की कि महापौर को इस्तीफा देना चाहिए, एमआईसी (MIC) के सदस्यों को बदला जाना चाहिए और इस पूरी घटना में सभी जिम्मेदारों को पद छोड़ना चाहिए। उनका कहना था कि बीजेपी के नेता, मंत्री और मुख्यमंत्री घमंड में डूबे हैं, यही वजह है कि मध्यप्रदेश में ऐसी दर्दनाक घटनाएं हो रही हैं।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि यह केवल कांग्रेस की यात्रा नहीं है, बल्कि यह यात्रा भागीरथपुरा की घटना से आहत सभी लोगों के लिए है। उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना है। कांग्रेस ने मांग की कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए।

न्याय यात्रा के पहले हिस्से में राजवाड़ा के पास शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में कार्यकर्ता लगातार “घंटा मंत्री मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। इस दौरान आम जनता भी बड़ी संख्या में शामिल हुई और उन्होंने अपने न्याय की मांग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का समर्थन किया।

जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे की मांग

यात्रा में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे की मांग की गई। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी महापौर और बीजेपी के खिलाफ नारे लगाए।

पुलिस ने यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। न्याय यात्रा का पहला हिस्सा मल्हारगंज थाना क्षेत्र तक पहुंच गया। पुलिस ने सुरक्षा के लिए अग्रिम स्थानों पर बल को तैनात किया और यह सुनिश्चित किया कि यात्रा शांतिपूर्ण रूप से पूरी हो।

इस यात्रा के जरिए कांग्रेस ने न केवल पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग की, बल्कि इंदौर में स्वच्छ पानी, साफ सड़कें और नागरिकों के मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा की जरूरत को भी रेखांकित किया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह लंबी लड़ाई होगी और इसके लिए पार्टी घर-घर जाकर लोगों से बातचीत करेगी।

न्याय यात्रा ने यह संदेश दिया कि इंदौर के नागरिक गंदे पानी की वजह से हुई मौतों और नगर निगम तथा राज्य सरकार की उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। कांग्रेस का यह आंदोलन शहर में जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं की जवाबदेही तय करने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है।