राजधानी के कारोबारी हुस्न के जाल में फंसे: महिला समेत तीन गिरफ्तार
भोपाल में एलएन इंफ्रा के संचालक एलएन मालवीय ने महिला और उसके परिवार पर ब्लैकमेलिंग और डेढ़ करोड़ रुपए मांगने का आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला, उसके पति और पिता को गिरफ्तार किया है। मामले में ऑडियो रिकॉर्डिंग, चैट और 35 लाख रुपए के समझौते का अनुबंध पुलिस को सौंपा गया है।
भोपाल। राजधानी के कारोबारी एलएन मालवीय हुस्न के जाल में फंसकर अड़ीबाजी का शिकार हो गए। इस संबंध में उन्होंने सोमवार रात को बागसेवनिया थाने में प्रकरण दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस की टीम ने महिला, उसके पति और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के पास ज्यादती और जातिसूचक शब्दों में फंसाकर पैसा मांगने की ऑडियो रिकॉर्डिंग और समझौते के लिए 35 लाख रुपए के अनुबंध को भी प्रस्तुत किया। मुख्य आरोपी महिला कारोबारी के दफ्तर में नौकरी करती थी।
सहायक पुलिस आयुक्त उमराव सिंह के अनुसार एलएन इंफ्रा के संचालक लक्ष्मीनारायण मालवीय का कार्यालय साकेत नगर में हैं। इसी कार्यालय में रत्न प्रिया देवड़ा नौकरी करती थी। उसका दफ्तर में आना-जाना रहता था और वह इस कारण उससे बातचीत करते थे। रत्न प्रिया देवड़ा शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी है। वह एमटेक करने के बाद एलएन इंफ्रा कंपनी में नौकरी के लिए आई थी। पुलिस ने बताया उसने एमपी नगर थाने में ज्यादती और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने की शिकायत दर्ज कराई थी। दरअसल, एलएन इंफ्रा का एक कार्यालय एमपी नगर जोन-1 में भी है। इन आरोपों के बाद उसने संपर्क किया और उसने पहले पांच लाख फिर दस लाख रुपए नकद लिए थे। यह पूरा लेन-देन अनुबंध करके हुआ था। अनुबंध में बकायदा गवाह भी मौजूद थे। आरोपी रत्न प्रिया देवड़ा की तरफ से गवाह के रुप में उसका पति राम कुमार धाकड़ और महिला के पिता रामकृष्ण देवड़ा ने भी हस्ताक्षर किए थे। यह रकम लेने के बाद 25 लाख रुपए में शिकायत वापस लेने का समझौता हुआ था। उसको चेक और डिजीटल भुगतान किया गया था। पुलिस को दिए गए आवेदन में एलएन मालवीय ने बताया था कि उन्हें सामाजिक प्रतिष्ठा और गरिमा को बचाने के लिए ऐसा करना पड़ा। पैसा लेने के बावजूद आरोपी परिवार की मांग खत्म नहीं हुई। वह उनसे डेढ़ करोड़ रुपए मांगने लगे।
इस संबंध में उन्होंने पुलिस आयुक्त संजय कुमार से मुलाकात करके शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद प्रकरण की जांच सहायक पुलिस आयुक्त उमराव सिंह को सौंपी गई। बागसेवनिया थाना प्रभारी अवकाश में रहने के चलते उन्हीं की निगरानी में सोमवार रात प्रकरण दर्ज किया गया। प्रकरण के लिए एलएन मालवीय की तरफ से चैटिंग, व्हाट्स एप कॉलिंग समेत कई अन्य दस्तावेज सौंपे गए। प्रकरण की जांच उप निरीक्षक कुलदीप खरे को सौंपी गई। टीम ने मंगलवार सुबह तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। इस मामले में एलएन मालवीय की तरफ से कहा गया कि वे अपनी प्रतिष्ठा और परिवार की सामाजिक गरिमा को देखते हुए विवाद को शांतिपूर्वक समाप्त करने का प्रयास कर रहे थे। डर के कारण उन्होंने पहले शिकायत नहीं की थी। लेकिन, मांग बढ़ने पर पुलिस की मदद ली गई। मालवीय ने कहा कि पुलिस को जो जानकारियां उपलब्ध कराई है उसके अलावा भी पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।

