Indore Collector: आर्थिक तंगी नहीं रोक पाएगी सपनों की उड़ान, दिव्यांग भाई-बहन की मदद के लिए आगे आए इंदौर कलेक्टर

आर्थिक तंगी के बावजूद बड़े सपने देखने वाले इंदौर के दिव्यांग भाई-बहन संध्या और वीरेंद्र ने जनसुनवाई में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के सामने अपनी पढ़ाई से जुड़ी परेशानियां रखीं। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण स्कूल फीस और आगे की पढ़ाई में आ रही मुश्किलों को सुनकर कलेक्टर ने दोनों बच्चों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। जानिए कैसे प्रशासन की इस संवेदनशील पहल ने दो बच्चों के सपनों को नई उम्मीद दी।

Indore Collector: आर्थिक तंगी नहीं रोक पाएगी सपनों की उड़ान, दिव्यांग भाई-बहन की मदद के लिए आगे आए इंदौर कलेक्टर

इंदौर। हौसले बुलंद हों तो शारीरिक चुनौतियां भी किसी के सपनों का रास्ता नहीं रोक सकतीं। जरूरत होती है तो बस एक ऐसे सहारे की, जो मुश्किल वक्त में हाथ थामकर आगे बढ़ने का हौसला दे। इंदौर में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कुछ ऐसा ही प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला, जब अपनी पढ़ाई और भविष्य के सपनों को लेकर पहुंचे दिव्यांग भाई-बहन संध्या और वीरेंद्र को जिला प्रशासन की ओर से मदद का भरोसा मिला।

आर्थिक परेशानियों के बावजूद पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने वाले इन दोनों विद्यार्थियों ने अपनी आगे की शिक्षा से जुड़ी जरूरतें कलेक्टर शिवम वर्मा के सामने रखीं। उनकी बात सुनने के बाद कलेक्टर ने उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित किया और आगे की पढ़ाई के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

आर्थिक परेशानी बन रही थी पढ़ाई के रास्ते की बाधा

संध्या और वीरेंद्र पढ़ाई जारी रखकर अपने भविष्य को बेहतर बनाना चाहते हैं। दोनों ने अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों और आगे की पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधनों की समस्या प्रशासन के सामने रखी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शिक्षा से जुड़े खर्चों का इंतजाम करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। ऐसे में दोनों विद्यार्थियों ने जनसुनवाई को अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचाने का माध्यम बनाया।

कलेक्टर ने सुनी बच्चों की बात, दिया सहयोग का भरोसा

जनसुनवाई में जब दोनों दिव्यांग विद्यार्थियों ने कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात की तो उन्होंने उनकी पढ़ाई, परीक्षा परिणाम और भविष्य की जरूरतों के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने दोनों की प्रतिभा और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उनकी आगे की शिक्षा में आवश्यकतानुसार हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन की ओर से शिक्षा संबंधी जरूरतों को प्राथमिकता देने और पात्र हितग्राहियों तक सरकारी सहायता पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर के इस सकारात्मक आश्वासन से दोनों विद्यार्थियों और उनके परिवार को आगे की पढ़ाई जारी रखने की नई उम्मीद मिली है।

जनसुनवाई में मिले 203 आवेदन 

इंदौर कलेक्टर कार्यालय में 3 नवंबर को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में 200 से अधिक नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इस दौरान कुल 203 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें राजस्व, पुलिस, आर्थिक सहायता, शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित मामले शामिल थे। कलेक्टर ने आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिन मामलों में तत्काल सहायता संभव थी, उनमें प्राथमिकता से कार्रवाई करने तथा अन्य आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इस जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु प्रजापति, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार और रिंकेश वैश्य सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

दो विद्यार्थियों की उम्मीद, प्रशासन की संवेदनशील पहल

जनसुनवाई में संध्या और वीरेंद्र का मामला केवल आर्थिक सहायता की मांग तक सीमित नहीं है। यह इस बात की भी याद दिलाता है कि प्रतिभा किसी शारीरिक स्थिति या आर्थिक परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। कई बार बच्चों के पास मेहनत करने का जज्बा और भविष्य के बड़े सपने तो होते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी उनके कदम रोकने लगती है। ऐसे समय में प्रशासन की संवेदनशील पहल उनके लिए नई राह खोल सकती है। संध्या और वीरेंद्र को मिला सहयोग का भरोसा इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है। अब उम्मीद है कि प्रशासन की मदद से उनकी पढ़ाई की राह आसान होगी और वे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।