सांसद प्रतिनिधि के नाम पर जमीन कब्जाने का आरोप: सांसद प्रतिनिधि बताकर धमकाने का दावा, पीड़ित ने थाने में की शिकायत
सीधी में सांसद प्रतिनिधि के नाम पर 37 डिसमिल जमीन पर कब्जाने जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी के आरोप, राम लखन प्रजापति ने मांगा इंसाफ, प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार, हरिजन थाने में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में जमीन विवाद का मामला सामने आया है। कोटहा के वार्ड क्रमांक 14 निवासी राम लखन प्रजापति ने अमित प्रधान और अन्य लोगों पर उनकी निजी जमीन पर जबरन कब्जा करने, बाउंड्री निर्माण कराने और विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि उन्हें अपनी ही जमीन पर जाने से रोका जा रहा है।
सीधी में सांसद प्रतिनिधि के नाम पर जमीन कब्जाने का आरोप, पीड़ित ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार मध्य प्रदेश के सीधी जिले में जमीन विवाद का मामला सामने आया है। #sidhi #MadhyaPradesh #landscaping #wardrobe https://t.co/4YHI2aWodK
— Public Vani News (@publicvaninews) November 4, 2026
37 डिसमिल जमीन पर कब्जे का आरोप
राम लखन प्रजापति के मुताबिक, उनकी करीब 37 डिसमिल निजी जमीन है। इसमें से 6 डिसमिल जमीन उन्होंने शैलेंद्र सिंह को बेची थी, जबकि कुछ हिस्सा अमित प्रधान पिता गोपाल प्रधान को भी दिया गया था। आरोप है कि अमित प्रधान ने तय हिस्से से आगे बढ़कर पूरी जमीन पर कब्जा कर लिया और बाउंड्री निर्माण शुरू करा दिया। विरोध करने पर उन्हें जमीन पर कदम नहीं रखने देने की बात कही जा रही है।

सांसद प्रतिनिधि बताकर धमकाने का दावा
पीड़ित का आरोप है कि अमित प्रधान खुद को सांसद प्रतिनिधि बताकर दबाव बनाते हैं। उन्हें कथित तौर पर यह कहकर धमकाया जाता है कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। राम लखन ने जाति को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां करने, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं।
SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
राम लखन प्रजापति ने 31 अक्टूबर 2026 को थाना प्रभारी, कोतवाली सीधी के नाम लिखित आवेदन देकर शिकायत की है। आवेदन में जमीन पर कथित अवैध कब्जे, बाउंड्री निर्माण और जातिसूचक अपमान का जिक्र करते हुए SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
पीड़ित का कहना है कि इससे पहले भी उन्होंने हरिजन थाने में शिकायत की थी, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। अब उन्होंने प्रशासन से जमीन की जांच कराकर कथित कब्जा हटवाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल मामले में दूसरे पक्ष का जवाब और पुलिस-प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

