राष्ट्रपति के दौरे और आदिवासी मुद्दों पर सियासत गरम, जीतू पटवारी ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
मध्यप्रदेश में आदिवासी अधिकारों को लेकर घमासान, कांग्रेस ने जांच और सुधार की उठाई मांग
मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति के हालिया दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार और बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आदिवासी समाज, जमीन के अधिकार, शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है।

“वनवासी” शब्द पर विवाद और कांग्रेस का रुख
जीतू पटवारी ने कहा कि आदिवासी समाज को “वनवासी” कहना अपमानजनक है और कांग्रेस हमेशा इसका विरोध करती रही है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति ने भी इस भावना को समझा है और उन्होंने इसे कांग्रेस के दृष्टिकोण के अनुरूप बताया। पटवारी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की है।
आदिवासी जमीन और अनियमितताओं के आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में आदिवासियों की जमीनों के हस्तांतरण में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 1 लाख 36 हजार हेक्टेयर जमीन कथित रूप से बीजेपी नेताओं, उद्योगपतियों और अन्य प्रभावशाली लोगों के माध्यम से ट्रांसफर हुई है। पटवारी ने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और समीक्षा की जाए।

शिक्षा, रोजगार और बैकलॉग पदों पर सवाल
पटवारी ने कहा कि आदिवासी और अनुसूचित जाति समाज के लिए शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष कानून बनना चाहिए और उन्हें मुफ्त शिक्षा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में आरक्षित बैकलॉग पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिसे उन्होंने “प्रशासनिक लापरवाही” बताया।
आदिवासी महिलाओं के लापता होने का मुद्दा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि राज्य में आदिवासी महिलाओं के लापता होने के मामले गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि लगभग पौने तीन लाख महिलाएं गायब हुई हैं, जिनका अब तक सही सत्यापन नहीं हो सका है। उन्होंने इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

मुख्यमंत्री पर पलटवार और राजनीतिक बयानबाजी
मुख्यमंत्री के “नौसिखिया” बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पटवारी ने कहा कि सवाल पूछना नौसिखियापन नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विपक्ष की आलोचना से डरते हैं और इस कारण इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से विपक्ष को और मजबूती मिलती है।
दिग्विजय सिंह के वायरल वीडियो पर सफाई
दिग्विजय सिंह के साथ वायरल वीडियो को लेकर भी पटवारी ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका और दिग्विजय सिंह का संबंध “पिता-पुत्र जैसा” है और बीजेपी ने वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश किया है। उन्होंने कहा कि समय आने पर सच सामने आएगा।

Varsha Shrivastava 
