मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: सरदार सरोवर योजना के विस्थापितों के प्लॉट की फ्री रजिस्ट्री, कर्मचारियों का होगा विलय

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में सरकार ने सरदार सरोवर योजना के विस्थापित परिवारों की जमीन पट्टो की रजिस्ट्री निशुल्क कराने का फैसला लिया है।

मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: सरदार सरोवर योजना के विस्थापितों के प्लॉट की फ्री रजिस्ट्री, कर्मचारियों का होगा विलय

भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज 3 फरवरी को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा के साथ ही कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में सरदार सरोवर योजना के विस्थापित परिवारों को दी गई जमीन और प्लॉट की रजिस्ट्री निशुल्क कराने का फैसला लिया है। जिससे 25 हजार 602 आदिवासी पट्टाधारियों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों को महिला बाल विकास में संविलियन को मंजूरी दे दी गई है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कश्यप ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। 

कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि, सरकार ने सरदार सरोवर योजना के विस्थापित परिवारों की आवासीय प्लॉट की रजिस्ट्री निशुल्क कराने का निर्णय किया है, इससे राज्य सरकार पर लगभग 600 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक भार आएगा। धार, बड़वानी, अलीराजपुर, खरगोन जिले की 8 विधानसभा क्षेत्र के 25 हजार से ज्यादा आदिवासी परिवार को लाभ मिलेगा।

दो सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में बाणसागर बांध से दो सिंचाई परियोजनाओं (धनवाही और बहरी) को मंजूरी दी गई है। 620 करोड़ की इन दोनों योजनाओं से 14 हजार किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया, मोहन यादव सरकार के 2 साल के शासनकाल में साढ़े सात लाख हेक्टेयर भूमि के लिए सिंचाई व्यवस्था की गई है। रीवा में बाणसागर बांध परियोजना के तहत धनवाही में सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 53.73 करोड़ रुपए और कटनी की विजयराघवगढ़ में बरही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 566.92 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।

कर्मचारियों का होगा विलय

बैठक में संबल, पशुपालन विकास, किशोर कल्याण जैसी कई विभागों की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता बनाए रखने की मंजूरी दी है। साथ ही राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों को महिला बाल विकास में संविलियन को मंजूरी दे दी गई है।

भावांतर योजना लागू करने वाला MP पहला राज्य

बैठक में बताया कि, मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने भावांतर योजना को पूर्णता लागू किया। प्रदेश सरकार ने भावांतर योजना का भुगतान तत्काल 2 महीने के अंदर किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 29 जनवरी को महाकाल लोक की तर्ज पर पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया। प्रदेश ने पहली बार भोपाल में 30 जनवरी को पुष्प महोत्सव आयोजित किया। यह केवल फूलों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि फूलों के माध्यम से मध्य प्रदेश के किसानों की आमदनी बढ़ाने का एक उत्सव था।