कृषि मंत्री का रिपोर्ट कार्ड, एदल सिंह कंसाना ने गिनाईं अपने विभाग की 2 साल की उपलब्धियां
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के दो साल पूरे होने पर प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कृषि विभाग की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा।
भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के दो साल पूरे होने पर प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कृषि विभाग की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा। राजधानी भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृषि मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश आज देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल हो चुका है और यह उपलब्धि किसानों की कड़ी मेहनत और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है।
कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश सोयाबीन और मक्का के उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। वहीं गेहूं, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, मोटा अनाज और कुल अनाज उत्पादन में मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के अन्नदाताओं की मेहनत और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर लिए गए नीतिगत फैसलों का सकारात्मक नतीजा है।
बजट और रकबे में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
एदल सिंह कंसाना ने बताया कि वर्ष 2002-03 में कृषि विभाग का बजट मात्र 600 करोड़ रुपए था, जो बढ़कर वर्ष 2024-25 में 27,050 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इसके साथ ही प्रदेश का कृषि रकबा भी बढ़कर 297 लाख हेक्टेयर हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बजट में लगातार बढ़ोतरी की है। प्रधानमंत्री धनधान योजना के तहत एमपी के 8 जिलों को जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदेश में 84 लाख से अधिक कृषकों को दो किश्तों में 3378 करोड़ का भुगतान किया गया है।
प्रदेश की सिंचाई क्षमता में बड़ा विस्तार
कृषि मंत्री ने सिंचाई के क्षेत्र में हुई प्रगति को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002-03 में प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगभग साढ़े सात लाख हेक्टेयर था, जो 2024-25 में बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर से अधिक हो गया है। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर किया जाए। इससे किसानों को खेती में स्थिरता मिलेगी और उत्पादन में और वृद्धि होगी।
किसानों को राहत और बीमा भुगतान
एदल सिंह कंसाना ने बताया कि प्रदेश के 29 जिलों के 27 लाख 28 हजार किसानों को 1,860.23 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित की गई है। वहीं वर्ष 2024-25 में 35 लाख से अधिक किसानों को 275.86 करोड़ रुपए का फसल बीमा दावा भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर संकट की घड़ी में किसानों के साथ खड़ी है। 38 लाख 51 हजार किसानों से फसल को खरीदा गया है। किसानों को सोयाबीन भवंतर योजना के तहत 9 लाख 36 हजार पंजीयन हुआ है।
जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जैविक और प्राकृतिक खेती को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। जनजातीय अंचलों में श्री अन्न को बढ़ावा देने के लिए “रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना” शुरू की गई है। इसके तहत कोदो-कुटकी जैसी पारंपरिक फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
खाद संकट के आरोपों पर कृषि मंत्री का पलटवार
खाद की किल्लत को लेकर उठ रहे सवालों पर कृषि मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि खाद की कमी के जो वीडियो सामने आते हैं, वे प्री-प्लान्ड होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को जानबूझकर लाइन में खड़ा कराकर वीडियो बनाए जाते हैं और उन्हें वायरल किया जाता है।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और सरकार किसानों को खाद, बीज और सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध करा रही है। अंत में कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में भी कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाते रहेंगे।
Varsha Shrivastava 
