G7 समिट में PM मोदी ने उठाया होर्मुज स्ट्रेट में भारतीयों की मौत का मुद्दा, 16 महीने बाद ट्रंप से मिले
फ्रांस के एवियन में चल रहे 52वें G7 समिट के वर्किंग सेशन में हिस्सा लेने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। समिट के पहले दिन उठाया मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा।
फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें G7 समिट में भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वर्किंग और आउटरीच सेशन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था और समुद्री सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा। समिट का मुख्य विषय “सभी के हित में संतुलित, समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास को फिर से गति देना” रहा, जिस पर कई देशों के नेताओं ने विचार साझा किए।
होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा संकट पर चिंता...
आउटरीच सेशन के दौरान पीएम मोदी ने Strait of Hormuz में हाल के समय में हुई घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में कई भारतीय नागरिकों और नाविकों की जान गई है, जो बेहद चिंताजनक है। मोदी ने कहा कि वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्गों से होकर गुजरता है, इसलिए इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में उत्पन्न तनाव और बाधाओं का असर वैश्विक सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
रिपोर्टों के अनुसार, हाल के महीनों में इस समुद्री मार्ग पर जहाजों पर हमलों और बाधाओं की घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हुआ है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि स्थिर और सुरक्षित समुद्री मार्ग ही वैश्विक विकास की रीढ़ हैं और इनके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। बता दें, होर्मूज स्ट्रेट में 108 दिनों में 46 जहाजों पर हमला हो चुका है।
मोदी की ट्रंप से 16 महीने बाद मुलाकात...
इसी समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump भी मौजूद थे। पीएम मोदी और ट्रम्प की लगभग 16 महीने बाद मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने ग्रुप फोटो सेशन और आउटरीच सेशन के दौरान संक्षिप्त बातचीत की और हाथ भी मिलाया। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों के बीच लगभग 5 मिनट की बातचीत हुई।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच एक द्विपक्षीय बैठक की संभावना भी जताई जा रही है, जिसमें भारत-अमेरिका ट्रेड डील, निवेश और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच व्यापार शुल्क और वीज़ा नीतियों को लेकर पहले से ही चर्चा चल रही है।
Varsha Shrivastava 
