जिला अस्पताल की ओपीडी में खपा 100 का नकली नोट
जिला अस्पताल की ओपीडी में खपा 100 का नकली नोट सतना में भीड़ का फायदा उठाकर पर्ची कटवाई, 10 दिन में दूसरी बार ऐसा हुआ
सतना: शहर में नकली नोट खपाने वाले गिरोह की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। इस बार ठगों ने जिला अस्पताल को निशाना बनाया। 18 जून सुबह ओपीडी में उमड़ी भीड़ के बीच एक अज्ञात व्यक्ति 100 रुपए का नकली नोट देकर पर्ची कटवाने में सफल रहा। यह मामला तब उजागर हुआ जब दोपहर में कैश मिलान के दौरान नोट संदिग्ध पाया गया।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सुबह मरीजों और परिजनों की भारी भीड़ के कारण काउंटर पर तेजी से लेन-देन हो रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने 100 रुपए का नोट देकर ओपीडी पर्ची बनवाई। नोट पहली नजर में पूरी तरह असली प्रतीत हुआ, इसलिए काउंटर ऑपरेटर आशीष शुक्ला को कोई संदेह नहीं हुआ।
दोपहर में कैश की गणना के दौरान नोट पर शक हुआ। जांच में पाया गया कि नोट का कागज सामान्य नोट की तुलना में कमजोर था और उसमें सुरक्षा संबंधी कई विशेषताएं नहीं थीं। अलग-अलग एंगल से परीक्षण के बाद नोट के नकली होने की पुष्टि हुई।
10 दिन पहले भी ऐसा हुआ था
ओपीडी काउंटर के ऑपरेटर आशीष शुक्ला ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। करीब 10 दिन पहले भी अस्पताल के विभिन्न काउंटरों पर नकली नोट मिलने की शिकायत सामने आई थी। उस समय भी मामले की जानकारी अस्पताल प्रबंधन के माध्यम से संबंधित बैंक को दी गई थी।
मामले की सूचना अस्पताल प्रशासन को दे दी गई है। चूंकि ओपीडी संचालन आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से किया जाता है, इसलिए जमा राशि की जिम्मेदारी भी संबंधित संस्था की होगी। नकली नोट को नियमानुसार रोगी कल्याण समिति के खाते में जमा कर आवश्यक प्रतिवेदन के साथ प्रबंधन को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शहर में कहां से आ रहे नकली नोट?
लगातार सामने आ रहे मामलों ने शहर में नकली नोटों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यदि जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले सरकारी संस्थान में नकली नोट आसानी से खपाए जा रहे हैं, तो बाजारों और छोटे व्यापारियों के बीच ऐसे नोटों के चलन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

