ईरान-अमेरिका दोनों ने किया जंग में जीत का दावा
ईरान-अमेरिका-इजराइल जंग: 22वें दिन दोनों पक्ष जीत का दावा, ट्रंप बोले- दुश्मन की नेवी, एयरफोर्स, एयर डिफेंस खत्म; खामेनेई बोले- दुश्मनों में फूट पड़ी
अमेरिका और इजराइल के बीच 28 फरवरी से चल रही जंग को आज 22 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान दोनों पक्ष पूरी तरह से जीत का दावा कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को साफ कहा, “मुझे लगता है हम जीत चुके हैं। हमने उनकी नेवी, एयरफोर्स, एयर डिफेंस सब खत्म कर दिए हैं।” वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने लिखित संदेश में दावा किया कि दुश्मन हार चुका है और उसके खेमे में दरार पड़ गई है।
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया, “जब आप दूसरे पक्ष को पूरी तरह तबाह कर रहे होते हैं, तब सीजफायर नहीं किया जाता। बातचीत हो सकती है, लेकिन लड़ाई रोकने का इरादा नहीं है।” ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताकत को काफी हद तक नष्ट कर दिया है और उसके परमाणु कार्यक्रम को भी कमजोर कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 4 से 6 हफ्तों में जंग खत्म हो सकती है।

ट्रंप ने NATO देशों पर भी तीखा हमला बोला:
उन्होंने उन्हें “कायर” करार देते हुए कहा कि अमेरिका के बिना NATO सिर्फ कागजी शेर है। होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए सैन्य मदद मांगी गई थी, लेकिन सहयोगी देश पीछे हट गए। ट्रंप ने चेतावनी दी, “यह बहुत आसान सैन्य कदम है, जिसमें बहुत कम जोखिम है, लेकिन वे मदद नहीं करना चाहते। हम इसे याद रखेंगे।

ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई कहा:
दूसरी ओर, ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने नौरोज और ईद के मौके पर जारी लिखित संदेश में कहा कि अमेरिका-इजराइल के हमलों के बावजूद ईरानी जनता की एकता ने दुश्मन को हराया। उन्होंने लिखा, “दुश्मन को उम्मीद थी कि हमलों के बाद ईरानी जनता सरकार के खिलाफ खड़ी हो जाएगी, लेकिन यह उनका बड़ा गलत आकलन था। देश में अलग-अलग विचारधाराओं के बावजूद एकजुटता दिखी और दुश्मन अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाया।

जंग से जुड़ी तस्वीरें:
इजराइल की सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर तोप ने शुक्रवार को लेबनान के दक्षिणी हिस्से पर गोले दागे। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को निशाना बनाया। ईरान ने गुरुवार रात इजराइल पर कई हवाई हमले किए। कतर के रास लाफान गैस प्लांट पर गुरुवार को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के दौरान भीषण आग लग गई।

मानवीय संकट और हमले:
जंग में अब तक ईरान में 3,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) के अनुसार, 3,220 लोग मारे गए, जिनमें 1,398 आम नागरिक (210 बच्चे) शामिल हैं। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 1,444 मौतों और 18,551 घायलों की पुष्टि की। तेहरान में शुक्रवार रात रिहायशी इमारत पर हमला हुआ, जिसके बाद रेड क्रिसेंट ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।

ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है:
सऊदी अरब ने 22 ईरानी ड्रोन मार गिराए। इजराइल ने तेहरान और बेरूत पर हमले जारी रखे। लेबनान के दक्षिणी हिस्से में तोपखाने की गोलाबारी हो रही है। ईरान ने कतर के गैस प्लांट को निशाना बनाया, जिससे भीषण आग लग गई।

तेल बाजार पर असर और अस्थायी छूट:
जंग के कारण वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। यूनाइटेड एयरलाइंस के सीईओ स्कॉट किर्बी ने चेतावनी दी कि तेल 175 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। कंपनी का सालाना ईंधन खर्च 11 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है। तेल अवीव और दुबई की उड़ानें फिलहाल बंद हैं। इस बीच अमेरिका ने ईरान के कुछ तेल शिपमेंट पर 30 दिनों की अस्थायी छूट दे दी है। ट्रेजरी विभाग ने उन टैंकरों पर प्रतिबंध हटाए जो पहले से लदे हुए हैं। डेमोक्रेट्स ने इसकी आलोचना की, कहा कि एक तरफ युद्ध चल रहा है, दूसरी तरफ ईरान को पैसा कमाने का मौका दिया जा रहा है। जापान, दक्षिण कोरिया और तुर्किये संभावित खरीदार हो सकते हैं।
होर्मुज स्ट्रेट संकट:
होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद है। भारत के दो LPG टैंकर ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ शारजाह के पास हैं और शनिवार को गुजरने की तैयारी में हैं। भारत सरकार ने 22 जहाजों की सुरक्षा पर जोर दिया। दक्षिण कोरिया ने यूरोपीय देशों और जापान के साथ मिलकर स्ट्रेट खोलने की मांग की। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि UN स्ट्रेट खोलने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने 2022 के ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव का जिक्र किया। गुटेरेस ने ट्रंप के “बोर्ड ऑफ पीस” को उनके निजी प्रोजेक्ट बताया और कहा कि UN अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर काम करेगा।

क्षेत्रीय तनाव:
ईद के मौके पर मिडिल ईस्ट में शोक का माहौल है। अल-अक्सा मस्जिद 60 साल में पहली बार बंद रही। ईरान में बाजार सूने पड़े हैं। UAE, कतर और कुवैत में खुले मैदान में नमाज पर रोक लगी है। सऊदी अरब ने सीरिया पर इजराइल के हमलों की निंदा की। ट्रंप प्रशासन ईरान के परमाणु भंडार पर कब्जे या उसे बाहर निकालने की योजना पर विचार कर रहा है। CBS न्यूज की रिपोर्ट में स्पेशल फोर्स ऑपरेशन का जिक्र है।
अर्थव्यवस्था और भविष्य:
जंग के 22 दिन बाद भी कोई साफ समयसीमा नहीं है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्य के करीब है और जल्द ही “वाइंडिंग डाउन” पर विचार कर रहा है,लेकिन होर्मुज की जिम्मेदारी अन्य देशों पर है। ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है। UN के मुताबिक, गाजा पुनर्निर्माण पर भी काम चल रहा है।
इस जंग ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। तेल की कीमतें बढ़ने से एयरलाइंस, शिपिंग और आम जनता पर बोझ बढ़ गया। मानवीय संकट गहरा रहा है। ईरान में परिवार ईद पर स्कूल हमले में मारे गए 170 बच्चों की कब्रों पर फूल चढ़ा रहे हैं। दुनिया अब सवाल कर रही है- क्या यह जंग 4-6 हफ्तों में खत्म होगी या और लंबी चलेगी? ट्रंप का दावा है कि ईरान “मिलिटरी रूप से खत्म” हो चुका है, लेकिन खामेनेई की एकता का संदेश दिखाता है कि लड़ाई अभी जारी है।

