दीपावली से लाड़ली बहनों को 1500 हर महीने, लेकिन सरकार पर बढ़ा कर्ज का बोझ

मध्यप्रदेश सरकार ने लाड़ली बहना योजना के तहत बड़ी घोषणा की है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐलान किया है कि दीपावली के बाद भाई दूज से प्रदेश की लाड़ली बहनों को हर माह ₹1500 की राशि दी.

दीपावली से लाड़ली बहनों को 1500 हर महीने, लेकिन सरकार पर बढ़ा कर्ज का बोझ

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले 15 मार्च 2023 को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश में महिलाओं के बड़े वोट बैंक को साधने के लिए मध्यप्रदेश में लाडली बहना योजना शुरू की थी. शुरुआत में इस योजना के तहत आने वाली महिलाओं को एक हजार रुपए की राशि सरकार द्वारा दी जाती थी. जिसके बाद इसे बढ़ाकर 1250 तक कर दिया गया. लेकिन अब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दीपावली से लाडली बहनों को सरकार हर महीने 1500 रुपए देने का ऐलान कर दिया है. इसकी 29वीं किस्त 15 अक्टूबर के आस पास 1.27 करोड़ पात्र लाडली बहनों के खातों ने डाली जा सकती है. लेकिन सरकार के लिए यह घोषणा कही मुसीबत खड़ी ना कर दे क्योंकि मध्यप्रदेश सरकार हर महीने कर्ज लेकर ये राशि की यह किस्त जारी कर रही है. फिलहाल कर्ज लेकर बहनों को 1250 रुपये की सहायता दे रही सरकार को इस महीने से योजना के लिए अलग से 318 करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी होगी.

बताया जा रहा है कि अब पंद्रह सौ रुपए के ऐलान के बाद मध्यप्रदेश सरकार का कर्ज और बढ़ सकता है. क्योंकि इस योजना के लिए सरकार 318 करोड़ का इंतजाम सरकार को अलग से करना पड़ेगा. मध्यप्रदेश सरकार ने लाडली बहनों को पिछली किस्त 12 सितंबर को झाबुआ जिले के पेटलावद से प्रदेश की 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 28वीं किस्त के तहत 1,541 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की थी. सीएम मोहन यादव  कह चुके हैं कि अब लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद भाई-दूज से हर माह 1500 रुपए प्रति माह मिलेंगे. धीरेधीरे वर्ष 2028 तक लाड़ली बहनों को 3000 रुपए देंगे. लाड़ली बहनों के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं


मध्यप्रदेश के पन्ना में लाडली बहनों के पैसे से शराब पी रहे पति

मध्यप्रदेश के चोपरा गांव की 25-30 महिलाएं थाने पहुंचीं. उन्होंने शिकायत की कि उनके पति लाड़ली बहना योजना का पैसा जबरन निकालकर शराब पीते हैं. इससे घर में झगड़े होते हैं. महिलाएं चाहती हैं कि गांव की 6 अवैध शराब की दुकानें बंद की जाएं ताकि परिवार बच सकें. इसके लिए बकायदा पीड़ित महिलाओं ने थाना प्रभारी को अपने पतियों के खिलाफ लिखित शिकायत की ओर कहा कि साहब शराब बंद करवा दो.