8 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी: राजोदा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति और जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों पर अपराध दर्ज
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) मुख्यालय भोपाल में दर्ज शिकायत क्रमांक 278/19 के सत्यापन के बाद उज्जैन इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजोदा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, देवास के अधिकारियों के विरुद्ध 8 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में अपराध पंजीबद्ध किया है।
देवास/भोपाल। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) मुख्यालय भोपाल में दर्ज शिकायत क्रमांक 278/19 के सत्यापन के बाद उज्जैन इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजोदा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, देवास के अधिकारियों के विरुद्ध 8 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में अपराध पंजीबद्ध किया है।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2016 से 2019 के बीच समिति और बैंक के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से किसानों की वास्तविक भूमि से लगभग 400 हेक्टेयर अधिक भूमि दर्शाकर उनकी पात्रता से करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये अधिक का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया। यह ऋण किसानों की जानकारी के बिना और नियमों के विरुद्ध दिया गया।
फर्जी ऋण और बीमा क्लेम का खेल
आरोपियों ने किसानों की साख सीमा बिना स्वीकृत किए तीन वर्षों में 3 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त ऋण प्रदान किया। इतना ही नहीं, लगभग 300 किसानों की फसलों का एक ही सीजन में एक से अधिक बार बीमा कराकर 65 लाख रुपये से अधिक की बीमा राशि का अवैध क्लेम स्वीकृत कराया गया। जांच में यह भी पाया गया कि बीमा आवेदनों में आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर दर्ज कराए थे।
खातों से अवैध निकासी
समिति के तत्कालीन सचिव महेश जैन ने किसानों के ऋण खातों से निकासी पर्चियों पर स्वयं हस्ताक्षर कर करीब 1 करोड़ 12 लाख रुपये की अवैध निकासी की। ऑडिट दल द्वारा समिति की कैशबुक में 20 लाख रुपये से अधिक की अनियमितता भी प्रमाणित की गई है।
इसके अलावा, शासन की मुख्यमंत्री ऋण माफी योजना एवं ब्याज सब्सिडी की राशि भी नियमविरुद्ध स्वीकृत ऋण खातों में दर्ज कर शासन को आर्थिक हानि पहुंचाई गई।
इन पर दर्ज हुआ मामला
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने निम्न आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है. महेश जैन – तत्कालीन सचिव एवं सहायक प्रबंधक, वृहत्ताकार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, राजोदा, जिला देवास. दिलीप नागर – तत्कालीन पर्यवेक्षक, वृहत्ताकार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, राजोदा. अनिल दुबे – तत्कालीन शाखा प्रबंधक, मंडी प्रांगण शाखा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, देवास. श्रीमती रामकन्या बाई चौहान – अध्यक्ष, वृहत्ताकार प्राथमिक कृषि सहकारी साख संस्था, राजोदा.
इन धाराओं में प्रकरण दर्ज
आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 409, 467, 468, 471, 201, 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(क), 13(2) एवं भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 13(1)(d), 13(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
shivendra 
