मध्यप्रदेश सरकार ने बनाई दो मंत्रिमंडलीय समितियां, अंतरराष्ट्रीय हालात और गेहूं उपार्जन व्यवस्था की करेंगी निगरानी

मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए दो अलग-अलग मंत्रिमंडलीय समितियों का गठन किया है। यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 10 मार्च 2026 को जारी किया गया है।

मध्यप्रदेश सरकार ने बनाई दो मंत्रिमंडलीय समितियां, अंतरराष्ट्रीय हालात और गेहूं उपार्जन व्यवस्था की करेंगी निगरानी

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए दो अलग-अलग मंत्रिमंडलीय समितियों का गठन किया है। यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 10 मार्च 2026 को जारी किया गया है। इन समितियों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से प्रदेश पर पड़ने वाले प्रभावों पर नजर रखना और रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है।

अंतरराष्ट्रीय हालात की निगरानी के लिए समिति

राज्य शासन द्वारा गठित पहली मंत्रिमंडलीय समिति अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और मध्य-पूर्व एशिया की वर्तमान स्थिति से प्रदेश पर पड़ने वाले प्रभावों की निगरानी करेगी। इसके साथ ही उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा भी करेगी।

इस समिति में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कश्यप को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

यह समिति समय-समय पर बैठक कर भारत सरकार से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप कार्य करेगी। साथ ही मध्य-पूर्व एशिया में रह रहे मध्यप्रदेश के निवासियों से संबंधित समस्याओं और उनके समाधान के उपायों की भी समीक्षा करेगी।

पेट्रोलियम, एलपीजी और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर भी नजर

सरकार द्वारा गठित यह समिति प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरक तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी समय-समय पर समीक्षा करेगी। यदि आपूर्ति या कीमतों को लेकर कोई समस्या उत्पन्न होती है तो समिति राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं देगी, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

गेहूं उपार्जन व्यवस्था के लिए दूसरी समिति

राज्य सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की व्यवस्था की निगरानी और समीक्षा के लिए दूसरी मंत्रिमंडलीय समिति का भी गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन और भंडारण की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है।

इस समिति में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री लखन पटेल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

समय-समय पर बैठक तय होगी समिति की जिम्मेदारियां

यह समिति समय-समय पर बैठक कर भारत सरकार के निर्देशों और मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में गेहूं उपार्जन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देगी। साथ ही आगामी गेहूं खरीदी को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मुख्यमंत्री को अनुशंसाएं भी करेगी।

इस समिति का कार्यकाल 30 जून 2026 तक निर्धारित किया गया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की निगरानी के लिए बनाई गई समिति का कार्यकाल आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।
सरकार का मानना है कि इन समितियों के गठन से प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।