मनगवां–प्रयागराज हाईवे पर दर्दनाक हादसा, 5 घंटे तक ट्रक में फंसा तड़पता रहा ड्राइवर

घने कोहरे में दो ट्रकों की टक्कर के बाद घायल ड्राइवर ट्रक में फंस गया, जिसे 5 घंटे बाद निकालकर अस्पताल भेजा गया।

मनगवां–प्रयागराज हाईवे पर दर्दनाक हादसा, 5 घंटे तक ट्रक में फंसा तड़पता रहा ड्राइवर

मनगवां–प्रयागराज नेशनल हाइवे पर शुक्रवार–शनिवार की दरमियानी रात एक खतरनाक रोड एक्सीडेंट हो गया। घने कोहरे के बीच दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें एक ट्रक का चालक बुरी तरह केबिन में फंस गया। 

ये हादसा गढ़ थाना क्षेत्र के धारावीभा बाईपास के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक, सड़क किनारे एक ट्रक खराब हालत में खड़ा था। गिट्टी से भरा एक ट्रक उसे बचाने के लिए अचानक ब्रेक मार बैठा। इसी दौरान पीछे से आ रहा दूसरा ट्रक तेज रफ्तार में आकर उससे टकरा गया।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि पीछे वाला ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक केबिन में फंस गया। ठंड और घने कोहरे के बीच घायल चालक करीब 5 घंटे तक ट्रक के अंदर फंसा तड़पता रहा। 

हादसे की सूचना मिलते ही गढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद MPRDC का बचाव दल भी पहुंचा। रात करीब दो बजे के बाद रेस्क्यू शुरू किया गया, लेकिन जरूरी उपकरण न होने की वजह से ड्राइवर को निकालने में काफी परेशानी आई।

करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद ट्रक की बॉडी काटकर चालक को बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल भेजा गया।

हाईवे रहा बंद, यातायात प्रभावित

एक्सीडेंट के बाद कोहरे और सुरक्षा को देखते हुए रीवा से प्रयागराज जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया, ताकि कोई और हादसा न हो। इस वजह से हाईवे पर लंबा जाम लग गया।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि MPRDC की टीम काफी देर से मौके पर पहुंची और उनके पास आधुनिक रेस्क्यू उपकरण भी नहीं थे। गैस कटर चलाने के लिए घरेलू LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करना पड़ा।

व्यवस्था पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हाईवे पर खराब खड़े ट्रक को समय रहते हटा दिया गया होता और पेट्रोलिंग ठीक से होती, तो यह हादसा टल सकता था। लोगों ने यह भी बताया कि सड़क पर कई जगह डिवाइडर कट और गड्ढे हैं, जिनकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।

लोगों का सवाल है कि आखिर इन हादसों का जिम्मेदार कौन है—प्रशासन या MPRDC? जब तक सड़क की व्यवस्था नहीं सुधरेगी, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।