Ujjain: पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव, सिंगर पद्मश्री शंकर महादेवन की ‘शिवोऽहम्’ की दिव्य प्रस्तुति

मकर संक्राति पर्व से श्री महाकाल लोक में पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव का भव्य आयोजन। आयोजन 14 से 18 जनवरी तक महाकाल महालोक एवं त्रिवेणी संग्रहालय में किया जा रहा।

Ujjain: पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव, सिंगर पद्मश्री शंकर महादेवन की ‘शिवोऽहम्’ की दिव्य प्रस्तुति
Mahakal Mahotsav Ujjain

उज्जैन। मकर संक्रांति पर्व से श्री महाकाल लोक में पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन 14 से 18 जनवरी तक श्री महाकाल महालोक एवं त्रिवेणी संग्रहालय परिसर में प्रस्तावित है। महोत्सव का शुभारंभ बुधवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में देश के ख्यात पार्श्व गायक पद्मश्री शंकर महादेवन शिव भक्ति से ओतप्रोत विशेष संगीतिक प्रस्तुति “शिवोऽहम्” प्रस्तुत करेंगे।

महोत्सव के शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और शंकर महादेवन द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर का विधिवत पूजन किया जाएगा। शंकर महादेवन अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम महादेवन के साथ उज्जैन पहुंच चुके हैं और उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन भी किए हैं। इस दौरान नंदी हाल में बैठकर तीनों कलाकारों ने शिव भक्ति से जुड़ा भजन भी गाया, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।

महाकाल महोत्सव का आयोजन अभ्युदय मध्यप्रदेश एवं स्वाभिमान पर्व–2026 के अंतर्गत किया जा रहा है। इस आयोजन का संचालन संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन, वीर भारत न्यास तथा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, लोककला और आध्यात्मिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाना है।

वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी के अनुसार, उद्घाटन संध्या पर “शिवोऽहम्” शीर्षक से विशेष संगीतमय प्रस्तुति होगी, जिसमें शंकर महादेवन अपने पुत्रों के साथ भगवान शिव की महिमा का संगीतमय वर्णन करेंगे। यह प्रस्तुति महाकाल लोक की पवित्र पृष्ठभूमि में भक्तों के लिए एक दिव्य अनुभव साबित होने की संभावना है।

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय परिसर में जनजातीय एवं लोक नृत्यों की श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी। इसमें भारिया जनजातीय भड़म नृत्य, गोंड जनजातीय ठाठ्या नृत्य, काठी नृत्य और भील जनजातीय भगोरिया नृत्य सहित प्रदेश की विविध लोक कलाओं की झलक देखने को मिलेगी। इन प्रस्तुतियों में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कलाकार भाग लेंगे।

इसके अलावा, अभ्युदय मध्यप्रदेश के संदेश को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से “कला यात्रा” का भी आयोजन किया जाएगा। यह कला यात्रा देवास गेट बस स्टैंड से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री महाकाल लोक तक पहुंचेगी, जिसमें शिव बारात की भाव शैली में प्रस्तुति दी जाएगी। महोत्सव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति की उम्मीद जताई जा रही है।