कोसमी आदिवासियों के घर तोड़े : शिवराज के बाद धरने पर बैठे कार्तिकेय, कहा - इनके वोट से MP में बनी सरकार
Kosmi Tribal Eviction : कार्तिकेय सिंह चौहान (Kartikeya Singh Chouhan) ने रात में कोसमी पहुंचकर आदिवासियों के साथ खाना खाया। खुले आसमान के नीचे वहां एक बच्चे का बर्थडे भी मनाया।
Kosmi Tribal Eviction : सीहोर। कोसमी में अतिक्रमित जमीन से आदिवासियों के घर हटाए गए हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले मौके पर पहुंचकर अधिकारियों के खिलाफ हल्ला बोला था। अब उनके बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान रात में मौके पर पहुंचे। वे विरोध में आदिवासियों के साथ धरने पर बैठे हैं। उन्होंने उनके साथ खाना भी खाया।
वन विभाग का दावा, परिवार का विरोध
वन विभाग का दावा है कि जिन घरों को तोड़ा गया है वे वन भूमि पर थे। लोगों ने इस पर कब्जा कर घर बनाए थे लेकिन शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय का कहना है कि इसमें मानवीय पहलुओं को देखना होगा। परिवार के लोग वर्षों से यहां रह रहे हैं। अधिकारियों ने इनके साथ अत्याचार किया है।

आदिवासियों के साथ खाना खाया और बर्थडे मनाया
कार्तिकेय सिंह चौहान (Kartikeya Singh Chouhan) ने रात में कोसमी पहुंचकर आदिवासियों के साथ खाना खाया। खुले आसमान के नीचे वहां एक बच्चे का बर्थडे भी मनाया। उनके साथ बुधनी के स्थानीय विधायक रामाकांत भार्गव भी मौजूद रहे। इसके बाद कार्तिकेय ने मीडिया से बात की।
ये हमारे वोटर हैं, न्याय होना चाहिए
कार्तिकेय सिंह चौहान ने कहा कि हम सरकार के खिलाफ मोर्चा नहीं खोल रहे हैं। ये हमारे वोटर हैं। इन आदिवासियों की वजह से मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी है। इनके साथ न्याय होना चाहिए। कई चुनावों में यहां दूसरी पार्टियों को सिंगल डिजिट में वोट नहीं मिले। वर्षों से रह रहे लोगों से कागज मांगे जा रहे हैं।
अमानवीय कार्रवाई के आरोप, आयोग जाएंगे
कार्तिकेय ने आरोप लगाया कि आदिवासियों के साथ अमानवीयता की गई। तीन साल के बच्चे के सिर पर डीसीपी लगा दिया गया। नौजवान युवक को उठाकर कुएं में फेंक दिया गया। बहन के बाल पकड़कर जान से मारने की धमकी दी गई। इसमें बड़ी साजिश है। हम इसे सफल नहीं होने देंगे। कार्तिकेय ने कहा कि मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास भी जाएंगे। राज्य सरकार को भी पत्र लिखकर केंद्रीय कृषि मंत्री ने असहमति जताई है।

