इंदौर में पानी की बर्बादी पर महापौर की सफाई: ट्रीटेड वाटर के इस्तेमाल का दावा
इंदौर में फुटपाथ और सड़कों की धुलाई का वीडियो वायरल होने पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सफाई दी। बोले- सार्वजनिक स्थानों की सफाई में ट्रीटेड वाटर का इस्तेमाल होता है।
इंदौर। शहर में पानी की बर्बादी को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों को पानी से धोते हुए दिखाया गया है। मामले को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सफाई देते हुए कहा कि नगर निगम सार्वजनिक स्थानों की सफाई के लिए पीने के पानी का नहीं, बल्कि ट्रीटेड वाटर यानी शोधित पानी का इस्तेमाल करता है।
वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल
दरअसल, इंदौर में एक ओर नगर निगम और जनप्रतिनिधि लोगों से पानी बचाने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों की पानी से धुलाई होती दिखाई दे रही है। इसके बाद लोगों ने सवाल उठाए कि जब शहर में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, तो निगम खुद पानी का इस्तेमाल किस तरह कर रहा है।
महापौर बोले- सफाई में इस्तेमाल होता है ट्रीटेड वाटर
इस पूरे मामले पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि रोड मीडियन पर लगे पत्थरों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई करना नगर निगम की जिम्मेदारी है। इसके लिए पीने के पानी के बजाय ट्रीटेड वाटर का उपयोग किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के नागरिक घरों की तराई और बगीचों में पानी डालने के लिए भी शोधित पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वालों को चेतावनी
महापौर ने सोशल मीडिया को दोधारी तलवार बताते हुए कहा कि इसके जरिए अच्छी जानकारियां भी सामने आती हैं, लेकिन कई बार घटनाओं को गलत संदर्भ में पेश कर भ्रम फैलाया जाता है। उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की कि पानी के टैंकरों, सड़क या गाड़ियों की धुलाई से जुड़े वीडियो साझा करते समय उनकी वास्तविक स्थिति और संदर्भ भी स्पष्ट करें। महापौर ने चेतावनी दी कि शहर की छवि खराब करने और लोगों के बीच भ्रम फैलाने वाले कंटेंट पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

