गुणवत्ता का पाठ: सरपंच-सचिवों को BIS ने सिखाया असली-नकली का फर्क, ISI मार्क से हॉलमार्क तक की दी जानकारी

पंचायतों में गुणवत्ता क्रांति की पहल: BIS ने सरपंचों को समझाए मानकों के नियम, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने पर जोर

गुणवत्ता का पाठ: सरपंच-सचिवों को BIS ने सिखाया असली-नकली का फर्क, ISI मार्क से हॉलमार्क तक की दी जानकारी

मऊगंज से राजेंद्र पयासी की रिपोर्ट।

मऊगंज में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के उपलक्ष्य में भारतीय मानक ब्यूरो, भोपाल शाखा द्वारा ग्रामीण अंचल के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए विशेष संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सृष्टि देशमुख ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

कार्यक्रम का आयोजन भोपाल शाखा के निदेशक एवं प्रमुख मोहम्मद रिजवान के दिशा-निर्देशन, जिला प्रशासन के अनुमोदन और निर्मला ज्योति महिला मंडल समिति रीवा के समन्वयक डॉ. मुकेश येंगल के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले के मऊगंज, हनुमना और नईगढ़ी विकासखंड से बड़ी संख्या में सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में  उपस्थित भारतीय मानक ब्यूरो भोपाल के मानक संवर्धन अधिकारी श्रीधर पांडेय ने कहा कि ग्रामीण विकास का आधार गुणवत्ता है। पंचायत स्तर पर होने वाले प्रत्येक निर्माण कार्य, सड़क, भवन, पेयजल व्यवस्था और खरीदी जाने वाली प्रत्येक सामग्री में भारतीय मानकों का पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमानक सामग्री न केवल शासकीय धन का दुरुपयोग है, बल्कि जनहित के साथ छलावा भी है।

उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को भारतीय मानक ब्यूरो के कार्य, गतिविधियों, ISI चिह्न, सोने-चांदी के आभूषणों पर हॉलमार्क की अनिवार्यता, कृषि उपकरणों और खाद्य उत्पादों के मानकों के बारे में विस्तार से समझाया। साथ ही उन्होंने BIS केयर मोबाइल ऐप के माध्यम से किसी भी उत्पाद की प्रमाणिकता की जांच करने की सरल प्रक्रिया भी बताई।

मुख्य अतिथि जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी सृष्टि देशमुख ने कहा कि मानक वस्तुओं का उपयोग भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का सशक्त माध्यम है और यह प्रयास आत्मनिर्भर गांव की परिकल्पना को साकार करेगा। कार्यक्रम के अंत में सभी को सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और निष्पक्ष कार्यशैली की शपथ दिलाई गई।