मऊगंज: 3 साल से फरार दो नशा तस्कर गिरफ्तार, 710 शीशी कफ सिरप का मामला
मऊगंज की हनुमना पुलिस ने तीन साल से फरार दो नशा तस्करों को सीधी से गिरफ्तार किया। 2023 में स्कॉर्पियो से 710 शीशी प्रतिबंधित ऑनरेक्स कफ सिरप बरामद हुई थी।
राजेंद्र पयासी@मऊगंज
मऊगंज जिले की हनुमना थाना पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के एक पुराने मामले में पिछले तीन साल से फरार चल रहे दो आरोपियों को सीधी जिले से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी स्कॉर्पियो से प्रतिबंधित ऑनरेक्स कफ सिरप की 710 शीशियां बरामद होने के मामले में वांटेड थे।
2023 में स्कॉर्पियो से बरामद हुई थीं 710 शीशियां
पुलिस के मुताबिक, मामला 23 अक्टूबर 2023 का है। यूपी की ओर से आ रही सफेद स्कॉर्पियो (MP 65 T 0224) को पुलिस ने चेकिंग के दौरान रुकने का इशारा किया था। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण तीनों आरोपी गाड़ी छोड़कर भागने लगे।
इस दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर एक आरोपी सत्यार्थ सिंह उर्फ प्रभात निवासी जमोड़ी, सीधी को मौके पर गिरफ्तार कर लिया था, जबकि उसके दो साथी फरार हो गए थे।
1.20 लाख रुपये की कफ सिरप हुई थी जब्त
फरार आरोपियों द्वारा छोड़ी गई स्कॉर्पियो की तलाशी लेने पर पुलिस को प्रतिबंधित ऑनरेक्स कफ सिरप की 710 शीशियां मिली थीं। जब्त सिरप की कीमत करीब 1 लाख 20 हजार 700 रुपये आंकी गई थी। मामले में थाना हनुमना में धारा 8, 21, 22 एनडीपीएस एक्ट एवं धारा 5/13 मध्यप्रदेश ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
मुखबिर की सूचना पर सीधी में दी दबिश
मामले में फरार आरोपियों की पुलिस लगातार तलाश कर रही थी। इसी बीच मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सीधी जिले में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील केवट उर्फ लालू (37), पिता जमुना प्रसाद केवट, निवासी कृषि विज्ञान केंद्र के सामने, थाना जमोड़ी, सीधी और पवन पांडेय उर्फ गोलू (25), पिता सत्यनारायण पांडेय, निवासी भमरहा, हाल नूतन कॉलोनी, कोतवाली सीधी के रूप में हुई है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन तथा एएसपी शशिकांत सरयाम और एसडीओपी सचि पाठक के मार्गदर्शन में की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी में निरीक्षक राजेश पटेल, उपनिरीक्षक ज्ञानेन्द्र पटेल, प्रधान आरक्षक राजेंद्र सिंह सहित आरक्षक सूरज तिवारी, विवेकानंद यादव, देवेश प्रताप सिंह, महिला आरक्षक सीमा मिश्रा, अशोक यादव और प्रदीप यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

