मप्र स्थापना दिवस समारोह के बाद गरमाई सियासत : विजयवर्गीय की देरी पर कांग्रेस का हमला, BJP बोली - पार्टी में कोई खींचतान नहीं
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि विधायक और जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में जनता की समस्याओं के समाधान में व्यस्त थे।
मध्य प्रदेश। इंदौर में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का शासकीय समारोह अब सियासी विवाद का विषय बन गया है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के करीब डेढ़ घंटे देरी से पहुंचने और शहर के अन्य जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बीच चल रही कथित खींचतान से जोड़ दिया है। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी में सब कुछ ठीक है और सभी नेता एकजुट हैं।
दरअसल, रविवार को इंदौर में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का शासकीय समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, लेकिन वे निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचे। वहीं कार्यक्रम में इंदौर के अन्य मंत्री, विधायक, सांसद और महापौर भी नजर नहीं आए। नगर निगम की ओर से केवल एमआईसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर शिवम वर्मा और निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल कार्यक्रम में शामिल हुए।
वहीं इसको लेकर कांग्रेस के AICC मीडिया कोऑर्डिनेटर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण शासकीय आयोजन में भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति और मंत्री विजयवर्गीय की देरी पार्टी के भीतर चल रही आपसी खींचतान को उजागर करती है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैलाश विजयवर्गीय के बीच मतभेद होने का दावा भी किया।
इस मामले में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि विधायक और जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में जनता की समस्याओं के समाधान में व्यस्त थे। मंत्री विजयवर्गीय भी व्यस्तता के चलते देरी से पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा में किसी तरह की अनबन नहीं है और सभी नेता मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में एकजुट होकर काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा में भी देरी से पहुंचने पर कैलाश विजयवर्गीय की नाराजगी सामने आई थी। ऐसे में स्थापना दिवस समारोह की गैरमौजूदगी और देरी ने इंदौर की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

