Bhopal News : भोपाल में श्रीकृष्ण पर कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन, यादव महासभा ने फूंका पुतला
Bhopal News : महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की जा रही कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से यादव-अहीर समाज सहित करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
Bhopal News : भोपाल। सोशल मीडिया पर भगवान श्रीकृष्ण के खिलाफ कथित अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में सोमवार को भोपाल में विरोध प्रदर्शन हुआ। अखिल भारतीय यादव महासभा (अहीर) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर संबंधित व्यक्ति का पुतला दहन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (DGP) के नाम ज्ञापन सौंपा। महासभा ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

आपत्तिजनक टिप्पणी से समाज में नाराजगी
महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की जा रही कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से यादव-अहीर समाज सहित करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। ऐसे में उनके प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के साथ सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित कर सकता है।
FIR और सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने की मांग
मुख्यमंत्री और DGP को सौंपे गए ज्ञापन में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के तहत तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की गई। महासभा ने आपत्तिजनक पोस्ट हटवाने और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक कराने की मांग भी रखी। इसके अलावा साइबर सेल के माध्यम से ऐसे मामलों पर निगरानी बढ़ाने की बात कही गई।

धार्मिक भावनाओं के सम्मान की मांग
महासभा के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव ने कहा कि किसी भी धर्म और आराध्य के प्रति अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
लोकतांत्रिक तरीके से दर्ज कराया विरोध
महासभा ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से किया गया। संगठन का कहना है कि इसका उद्देश्य धार्मिक भावनाओं के सम्मान और कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करना है। अब महासभा की नजर प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर है।


