मकान निर्माण के दौरान बड़ा हादसा : 11 KV लाइन की चपेट में आए 8 मजदूरों की मौत, कई झुलसे

Jhunjhunu Electrocution Accident : झुंझुनूं के उदयपुरवाटी के छापोली गांव में मकान बना रहे 8 मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई। साथ ही कई लोग झुलस गए।

मकान निर्माण के दौरान बड़ा हादसा : 11 KV लाइन की चपेट में आए 8 मजदूरों की मौत, कई झुलसे

Jhunjhunu Electrocution Accident : झुंझुनू। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र में दर्दनाक हादसा हुआ है। छापोली गांव में मकान निर्माण के दौरान करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत हो गई। हादसे में कई अन्य लोग भी झुलस गए। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना पर दुख जताया है।

मकान निर्माण के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, छापोली से कदंब कुंड जाने वाले रास्ते पर स्टेट हाईवे से करीब 150 मीटर दूर एक मकान का निर्माण चल रहा था। मकान के ऊपर से 11 केवी की बिजली लाइन गुजर रही थी। इसी दौरान छत तक सीमेंट और कंक्रीट पहुंचाने वाली मशीन हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गई। मशीन में करंट फैलने से वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में 8 मजदूरों की जान चली गई, जबकि कई लोग झुलस गए।

इन 8 लोगों की हुई मौत

जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में हालेड़ा मंडावरा निवासी हरिराम गुर्जर (30) पुत्र शंकर लाल, मंगलचंद (22) पुत्र गिरधारीलाल गुर्जर, कालूराम गुर्जर (29) पुत्र भीखाराम गुर्जर और पवन गुर्जर (23) पुत्र जगदीश गुर्जर, छापोली निवासी विष्णु सैनी (38) पुत्र नानूराम सैनी, सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी (30) पुत्र महावीर सैनी, मुकेश सैनी (27) पुत्र शंकरलाल सैनी और फतेहचंद सैनी (32) पुत्र जगदीश की मौत हो गई है। जबकि इस हादसे में छापोली निवासी महेंद्र पुत्र बनवारी लाल सैनी, गीता देवी (45) पत्नी मदन लाल मेघवाल, संतरा देवी (35) पत्नी सतीश मेघवाल, गिदाराम (45) पुत्र धन्नाराम सैनी और मंजू देवी (38) पत्नी राजेश कुमार घायल (झुलसे) हैं। 

सीएम भजनलाल ने अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की असामयिक मृत्यु का समाचार बेहद दुखद है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार कराने और प्रभावित परिवारों को तत्काल हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घटना की जांच कराने की बात भी कही। साथ ही दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

अशोक गहलोत ने उठाया जिम्मेदारी का सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मजदूरों की करंट लगने से हुई मौत बेहद दुखद और मार्मिक है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। गहलोत ने सवाल उठाया कि निर्माण कार्य के दौरान यह हादसा कैसे हुआ और इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने सरकार से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और हरसंभव सहायता देने की मांग भी की।

ग्रामीणों ने शुरू किया धरना

हादसे के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने मौके पर धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता मिले। अब प्रशासन की जांच से यह स्पष्ट होगा कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और हादसे के लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है।