शराब तस्करी से बचने के लिए फर्जी किरायानामा तैयार, सतना में बड़ा खुलासा
फर्जी दस्तावेज के सहारे बचने की कोशिश नाकाम, वाहन मालिक का बेटा और चालक गिरफ्तार, 54 लीटर शराब के साथ लग्जरी वाहन जब्त
सतना। जिले के नागौद क्षेत्र में पुलिस ने 3 साल पहले एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लग्जरी वाहन से लगभग 54 लीटर अवैध शराब बरामद की थी। यह कार्रवाई 14 सितंबर 2023 की रात करीब 11:50 बजे रहिकवारा तिराहा पर की गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध लग्जरी जीप में अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है। दबिश के दौरान वाहन का चालक और उसमें बैठा एक अन्य व्यक्ति मौके से फरार हो गए थे।
वाहन मालिक ने पेश किया किरायानामा
जांच के दौरान वाहन मालिक ने पुलिस को एक किरायानामा (रेंट एग्रीमेंट) पेश किया, जिसमें दावा किया गया कि वाहन को सुखेंद्र सिंह उर्फ राहुल को किराए पर दिया गया था। वाहन मालिक ने बताया कि जब्त वाहन उसके नियंत्रण में नहीं था और उसे विधिवत रूप से किराए पर दिया गया था।

दस्तावेज पर उठा शक, शुरू हुई गहन जांच
पुलिस को इस दस्तावेज पर संदेह हुआ, जिसके बाद विस्तृत जांच शुरू की गई। संबंधित व्यक्ति सुखेंद्र सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसने न तो कोई वाहन किराए पर लिया था और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दस्तावेज का उपयोग तस्करी के मामले से बचने और एक निर्दोष व्यक्ति को फंसाने के लिए किया गया था।
भोपाल लैब रिपोर्ट में हुआ खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए दस्तावेज को फोरेंसिक जांच के लिए राजधानी भोपाल स्थित लैब में भेजा गया। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया कि किरायानामा पर किए गए हस्ताक्षर मेल नहीं खाते और दस्तावेज फर्जी है। इस रिपोर्ट के बाद पुलिस की जांच और तेज हो गई।

बेटे और चालक की भूमिका आई सामने
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि वाहन मालिक के बेटे अंकित सिंह और चालक मोहन सिंह की भूमिका इस पूरे प्रकरण में संदिग्ध है। पुलिस के अनुसार, फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक व्यक्ति को मामले में फंसाने और खुद को बचाने की योजना बनाई गई थी। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
नोटरी और अन्य लोगों की भी जांच जारी
पुलिस ने बताया कि इस फर्जी किरायानामा को तैयार कराने में नोटरी, स्टांप वेंडर और अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि उनकी संलिप्तता साबित होती है, तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल शराब तस्करी का नहीं बल्कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायिक प्रक्रिया को गुमराह करने का भी है। मामले में भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।
Varsha Shrivastava 
