शहडोल: बंद कोयला खदान हादसे में लापता टीपर ऑपरेटर का शव तीन माह बाद बरामद
शहडोल के अमलाई क्षेत्र SECL सोहागपुर अंतर्गत अमलाई ओपन कास्ट कोल माइंस में हुए दर्दनाक हादसे में लापता ऑपरेटर का शव करीब तीन महीने के बाद बरामद किया गया है.
शहडोल के अमलाई क्षेत्र SECL सोहागपुर अंतर्गत अमलाई ओपन कास्ट कोल माइंस में हुए दर्दनाक हादसे में लापता ऑपरेटर का शव करीब तीन महीने के बाद बरामद किया गया है. शव कंकाल में बदल चुका था. जिसकी पहचान टीपर ऑपरेटर अनिल कुशवाहा के रूप में हुई है.
यह हादसा 11 अक्टूबर की शाम उस समय हुआ था, जब अमलाई ओपन कास्ट माइंस की बंद पड़ी कोयला खदान में मिट्टी फिलिंग का काम शुरू था. तभी अचानक मिट्टी स्लाइडिंग हुई, जिससे टीपर मशीन और एक डोजर मशीन पानी से भरी खदान में समा गईं. हादसे में टीपर ऑपरेटर अनिल कुशवाहा पानी में डूब गए थे, जबकि दो अन्य कर्मचारी बाल-बाल बच गए थे.
घटना के बाद NDRF, SDRF, इंडियन आर्मी और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन लंबे समय तक न तो अनिल कुशवाहा का कोई सुराग मिल पाया और न ही डोजर व टीपर मशीन का. तीन माहीने बाद जब खदान में भरे पानी का जलस्तर कम हुआ, तब SDRF और SECL की संयुक्त रेस्क्यू टीम ने शव को बाहर निकाला. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा दिया गया है.
परिजनों और स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए RKTC कंपनी और SECL प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते ये हादसा हुआ. जिसमें कर्मचारी की जान चली गई. यह मामला धनपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अमलाई ओपन कास्ट कोल माइन का है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.
shivendra 
