कलेक्टर–कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्य बिंदुओं की समीक्षा कलेक्टर समन्वय से दें बेहतर परिणाम : मुख्य सचिव अनुराग जैन

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि कलेक्टर जिलों में शासन के प्रतिनिधि होते हैं और शासन की प्रत्येक योजना व कार्यक्रम के क्रियान्वयन में उन्हें सभी विभागों के अमले के साथ लीडर की भूमिका निभाते हुए सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित करने चाहिए।

कलेक्टर–कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्य बिंदुओं की समीक्षा कलेक्टर समन्वय से दें बेहतर परिणाम : मुख्य सचिव अनुराग जैन

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि कलेक्टर जिलों में शासन के प्रतिनिधि होते हैं और शासन की प्रत्येक योजना व कार्यक्रम के क्रियान्वयन में उन्हें सभी विभागों के अमले के साथ लीडर की भूमिका निभाते हुए सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित करने चाहिए। उन्होंने ग्रामीण विकास के लिए जिला पंचायत तथा नगरीय क्षेत्रों के विकास के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने पर बल दिया।

मुख्य सचिव ने कहा कि टीम भावना से काम करने पर ही अपेक्षित परिणाम मिलते हैं। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को सेक्टरवार चिन्हित कर माह में कम से कम दो बैठकें आयोजित कर लंबित योजनाओं और कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए। यह निर्देश उन्होंने बुधवार को मंत्रालय में आयोजित कलेक्टर–कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मिलित हुए।

बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाए जाने के निर्णय के तहत संबंधित विभागों को आगामी एक वर्ष की कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्व प्रकरणों में सुधार पर जोर

मुख्य सचिव ने सुशासन को मध्यप्रदेश शासन का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि नामांतरण, बटवारा और सीमांकन जैसे मामलों में सौ दिन से अधिक की पेंडेंसी असंतोषजनक है। उन्होंने ऑनलाइन राजस्व प्रक्रिया के बावजूद ऐसी स्थिति को गंभीर मानते हुए समन्वय के साथ व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
नामांतरण में मुरैना–भिंड, बटवारा प्रकरणों में अनूपपुर और रीवा, सीमांकन में विदिशा और सतना, खसरा अपडेट में रीवा और इंदौर तथा अवैध कब्जा हटाने के मामलों में भिंड और विदिशा की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर पाई गई। राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग के निर्देश भी दिए गए।

ई-सेवाएं और सीएम हेल्पलाइन

मुख्य सचिव ने एमपी ई-सेवा पोर्टल को नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सुधार बताते हुए मार्च अंत तक सभी 1700 सेवाएं पोर्टल से जोड़ने के निर्देश दिए। सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा में बताया गया कि 1.09 करोड़ आवेदनों में से लगभग 1 करोड़ का निराकरण किया जा चुका है। इस श्रेणी में निवाड़ी और बड़वानी शीर्ष पर रहे, जबकि मऊगंज और शिवपुरी निचले पायदान पर पाए गए।

उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि समय-सीमा की बैठकों में साप्ताहिक समीक्षा कर संवेदनशीलता के साथ प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें। भूमि विवादों में समय पर एफआईआर दर्ज न होने को सेवा में कमी बताते हुए आमजन को त्वरित राहत देने के निर्देश दिए गए।

कृषि वर्ष 2026 : 10 आयामों पर कार्य

मुख्य सचिव ने कृषि वर्ष 2026 के अंतर्गत 10 प्रमुख आयामों की समीक्षा करते हुए वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर जिला स्तर पर रणनीति तैयार करने को कहा। मिट्टी, पानी और मौसम को तकनीक से जोड़कर योजनाएं बनाने, सिंचाई क्षमता और वास्तविक उपयोग के अंतर को कम करने तथा पराली/नरवाई जलाने पर रोक के लिए वैज्ञानिक तकनीकों के प्रसार के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रेसराइज्ड सिंचाई, पर ड्रॉप मोर क्रॉप, उद्यानिकी क्लस्टर, खाद्य प्रसंस्करण, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना, एक बगिया मां के नाम और डॉ. भीमराव कामधेनु योजना की भी समीक्षा की गई।

स्वास्थ्य, नगरीय विकास और ग्रामीण योजनाएं

स्वास्थ्य एवं पोषण अभियान की समीक्षा में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए कलेक्टरों को माह में कम से कम दो बार स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए। एएनसी जांच में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और गलत आंकड़े प्रस्तुत न करने की सख्त हिदायत दी गई। नगरीय विकास की समीक्षा में स्वच्छ भारत मिशन, अमृत अभियान, पट्टा वितरण, स्वच्छ पेयजल, पीएम स्वनिधि, नगरीय यातायात, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम और पीएम ई-व्ही बस सेवा की प्रगति पर चर्चा हुई।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा में रोजगार गारंटी योजना, एनआरएलएम, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण तथा जल जीवन मिशन के कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि सिंगल विलेज में 95 प्रतिशत गांवों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है और 31 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश हैं।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव उपस्थित रहे।